होम डिलिवरी सिर्फ़ पुरुषों का काम नहीं
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सीमा, 20 साल की है. घर-घर जा कर सामान डिलिवरी करने का काम करती है. अब तक इस काम के लिए कंपनियां पुरुषों को ही रखती थीं.
लेकिन अब सीमा जैसी कुछ और लड़कियां भी है जिन्हें न तो इस काम में उठाने वाले बोझ से कोई फर्क पड़ता है और न दिन भर स्कूटी पर रास्ता ढूंढने में कोई दिक्कत होती है.
रिपोर्ट- सरोज सिंह
वीडियो- प्रीतम रॉय