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उद्योगपतियों के साथ खड़ा होने से नहीं डरता: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्योगपतियों के साथ अपने संबंधों का बचाव करते हुए कहा है कि वह खुलेआम उनसे मिलते हैं जबकि कुछ लोग परदे के पीछे उद्योगपतियों से मिलना पसंद करते हैं.
रविवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में निवेशकों के सम्मेलन में उन्होंने कहा कि वह 'कुछ लोगों' की तरह उद्योगपतियों के साथ खड़े होने से 'नहीं डरते' क्योंकि उनके इरादे 'नेक' हैं.
प्रधानमंत्री स्मार्ट सिटी मिशन, अमृत और प्रधानमंत्री आवास योजना के तीन साल पूरे होने के मौके पर बोल रहे थे.
उन्होंने कहा, "हम वो लोग नहीं हैं जो उद्योगपतियों के बगल में खड़े रहने से डरते हैं. वरना कुछ लोगों को आपने देखा होगा उनकी एक फ़ोटो नहीं निकाल सकते उद्योगपति के साथ. लेकिन देश का एक उद्योगपति ऐसा नहीं होगा, जिनके घरों में जाकर साष्टांग दंडवत न किए हों."
इसके बाद प्रधानमंत्री ने समाजवादी पार्टी के पूर्व महासचिव अमर सिंह की ओर इशारा करते हुए कहा, "ये अमर सिंह यहां बैठे हैं, वे सारी हिस्ट्री निकाल देंगे."
महात्मा गांधी का उदाहरण
प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी के बिड़ला परिवार से संबंधों का ज़िक्र करते हुए कहा, "जब नीयत साफ़ हो और इरादे नेक हों तो किसी के भी साथ खड़े होने से दाग़ नहीं लगते. महात्मा गांधी जी का जीवन इतना पवित्र था कि उन्हें बिड़ला जी के परिवार के साथ जाकर रहने, बिड़ला जी के साथ खड़े होने में कभी संकोच नहीं हुआ."
इसके बाद प्रधानमंत्री ने विरोधियों पर भी निशाना साधा. उन्होंने नाम लिए बिना कहा, "जिन लोगों को पब्लिक में नहीं मिलना और परदे के पीछे सब कुछ करना है, वो लोग डरते हैं."
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को बनाने में उद्योगपतियों की बड़ी भूमिका है. उन्होंने कहा, "अगर हिंदुस्तान को बनाने में एक किसान की मेहनत काम करती है, एक कारीगर की मेहनत काम करती है, बैंकर-फाइनेंसर की मेहनत काम करती है, सरकार के मुलाज़िम की मेहनत काम करती है, मज़दूर की मेहनत काम करती है तो देश के उद्योगपतियों की भी देश को बनाने में भूमिका होती है."
आगे उन्होंने कहा, "हम उनको अपमानित करेंगे? चोर-लुटेरे कहेंगे? ये कौन सा तरीका है? जो ग़लत करेगा या तो उसे देश छोड़कर भागना पड़ेगा या तो जेलों में जाना पड़ेगा."
"लेकिन ये भी पहले इसलिए नहीं होता था क्योंकि परदे के पीछे पहले बहुत कुछ होता था. किसके जहाज़ में ये लोग घूमते हैं पता नहीं है क्या? और इसलिए देश को आगे बढ़ाने के लिए हर किसी के साथ और सहयोग की ज़रूरत है."
कॉर्पोरेट संबंधों पर उठते रहे हैं सवाल
विपक्षी पार्टियां उद्योगपतियों से संबंधों को लेकर प्रधानमंत्री पर हमला करती रही हैं. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी आरोप लगाते रहे हैं कि प्रधानमंत्री अपने उद्योगपति दोस्तों को फायदा पहुंचाने के लिए नीतियां बनाते हैं. अविश्वास प्रस्ताव पर भाषण के दौरान भी इस बात को लेकर उन्होंने हमला बोला था.
इस साल जनवरी में दावोस इकनॉमिक फोरम में पीएनबी स्कैम में आरोपी नीरव मोदी के साथ एक तस्वीर और एक अन्य मामले में आरोपी मेहुल चोकसी को 'मेहुल भाई' कहकर संबोधित करने का वीडियो सामने आने के बाद विपक्ष ने पीएम पर निशाना साधा था.
विपक्ष इस बात का मुद्दा बनाता रहा है कि विजय माल्या, नीरव मोदी, और मेहुल चोकसी जैसे आर्थिक गड़बड़ियों के आरोपी देश छोड़कर चले गए मगर सरकार उनका कुछ नहीं कर पाई.
कांग्रेस पार्टी ने यह भी आरोप लगाया है कि हाल ही में फ्रांस के साथ हुए रफ़ाएल लड़ाकू विमान सौदे में सरकार ने कथित तौर पर सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड को नज़रअंदाज़ कर 'प्रधानमंत्री के उद्योगपति मित्र' को क़रार दिलवाया था.
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