अगले साल भारत में होगा टी-20 विश्व कप, महिला विश्व कप 2022 के लिए तय: आज की बड़ी ख़बरें

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अगले साल यानी साल 2021 का पुरुष टी-20 विश्व कप भारत में होगा. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने शुक्रवार को जारी प्रेस रिलीज़ में ये जानकारी दी.
आईसीसी ने ये भी बताया कि कोरोनां संकट के कारण 2021 के महिला टी-20 विश्व कप का आयोजन अब साल 2022 में होगा.
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आईसीसी से मिली जानकारी के अनुसार साल 2021 का टी-20 वर्ल्ड कप भारत और 2022 का टी-20 वर्ल्ड कप ऑस्ट्रेलिया में होगा. इसके अलावा 2021 में न्यूज़ीलैंड में होने वाला महिला टी-20 टूर्नामेंट फ़रवरी-मार्च 2022 तक के लिए स्थगित कर दिया गया है.
कोरोना महामारी का असर ओलंपिक समेत दुनिया भर में अलग-अलग खेलों और टूर्नामेंट्स पर पड़ा है.
इस साल ऑस्ट्रेलिया में 18 अक्टूबर से आईसीसी विश्व कप टी20 का आयोजन होना था लेकिन कोरोना संकट के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था.
इससे पहले भारत में होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल टूर्नामेंट) को भी टालना पड़ा था. लेकिन अब आईपीएल का 13वां संस्करण 19 सितंबर से 10 नवंबर तक संयुक्त अरब अमीरात में दुबई, शारजाह और अबु धाबी में खेला जाएगा.
इसके लिए बोर्ड को मोदी सरकार से ज़रूरी रज़ामंदी भी मिल गई है.

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अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में आरोपों से घिरीं अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी के सामने बयान दर्ज कराने मुंबई में उनके दफ़्तर पहुँची हैं.
इससे पहले रिया ने अपने बयान को दर्ज करने के समय को आगे बढ़ाने का आग्रह किया था. रिया का कहना था कि उनकी याचिका अभी सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन है और इसके बाद ही ईडी को बयान रिकॉर्ड करना चाहिए.
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ईडी ने रिया चक्रवर्ती को नोटिस जारी कर शुक्रवार को बयान दर्ज करने के लिए बुलाया था.
ईडी इस मामले में कथित वित्तीय अनियमितता की जाँच कर रहा है.
सुशांत सिंह राजपूत का शव 14 जून को उनके मुंबई स्थित घर में मिला था. मुंबई पुलिस इसे आत्महत्या मान कर जाँच कर रही है.
लेकिन इस मामले में नया मोड़ उस समय आया, जब सुशांत सिंह राजपूत के पिता ने रिया चक्रवर्ती पर गंभीर आरोप लगाते हुए बिहार की राजधानी पटना में एफ़आईआर दर्ज की.
बिहार पुलिस और मुंबई पुलिस में जाँच के कार्यक्षेत्र को लेकर तकरार बढ़ी और अब ये मामला सुप्रीम कोर्ट में है. रिया चक्रवर्ती ने भी सुप्रीम कोर्ट ने बिहार पुलिस की जाँच पर सवाल उठाए हैं.
इस बीच बिहार सरकार ने इस मामले में सीबीआई जाँच की सिफ़ारिश कर दी और केंद्र सरकार ने इसे मंज़ूर भी कर लिया और अधिसूचना भी जारी कर दी.
हालांकि अभी ये मामला सुप्रीम कोर्ट में है. सीबीआई ने जाँच के लिए स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम भी गठित कर दी है और रिया चक्रवर्ती समेत छह लोगों के ख़िलाफ़ मामला भी दर्ज किया है.
जीसी मुर्मू सीएजी नियुक्त, सरकारी खातों पर रखेंगे नज़र

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जम्मू-कश्मीर के पूर्व उप-राज्यपाल जीसी मुर्मू को भारत का नया नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी सीएजी नियुक्त किया गया है.
उन्होंने एक दिन पहले इस्तीफ़ा दे दिया था जिसके बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा को जम्मू-कश्मीर का उप-राज्यपाल बनाया गया है.
60 वर्षीय पूर्व आईएएस अधिकारी गिरीश चंद्र मुर्मू को राजीव महर्षि की जगह सीएजी बनाया गया है. महर्षि का कार्यकाल 7 अगस्त को पूरा हो रहा है.
सीएजी का कार्यकाल छह वर्ष का होता है या फिर नियुक्त अधिकारी के 65 वर्ष की आयु तक. इनमें से जो भी पहले हो उसका पालन होता है.
सीएजी की ज़िम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकारों के खातों की ऑडिटिंग या जाँच करना होता है. पहले देखा गया है कि कई बार सीएजी की रिपोर्टों ने देश में राजनीतिक रंग लिया.
मनमोहन सिंह की अगुआई वाली यूपीए सरकार के कार्यकाल में सीएजी विनोद राय की रिपोर्ट काफ़ी चर्चित रही थी.
उनकी रिपोर्ट में 2जी मामले और सरकारी ख़ज़ाने को 1 लाख 76 करोड़ रूपये का घाटा होने की बात ने काफ़ी तूल पकड़ी थी.
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गुजरात काडर के आईएएस अधिकारी रह चुके हैं मुर्मू
60 वर्षीय पूर्व आईएएस अधिकारी गिरीश चंद्र मुर्मू को पिछले वर्ष 29 अक्तूबर को राज्यपाल सत्यपाल मलिक को गोवा भेजे जाने के बाद जम्मू-कश्मीर का उप-राज्यपाल बनाया गया था.
गुजरात काडर के मुर्मू नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री रहने के दौरान राज्य के मुख्य सचिव रह चुके हैं.
मुर्मू ने 5 अगस्त को अचानक इस्तीफ़ा दे दिया था.
उन्होंने इस्तीफ़ा ऐसे दिन दिया जब जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने का ठीक एक साल पूरा हो रहा था.
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