1965 युद्ध: शहीद तारापोर की अंतिम इच्छा
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1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान चिविंडा की लडा़ई में लेफ्टिनेंट कर्नल तारापोर ने असीम साहस का परिचय देते हुए पाकिस्तान के कई टैंकों को तबाह किया था. इस दौरान वे शहीद भी हो गए. उनकी इस वीरता के लिए भारत सरकार ने उन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया था. उनके साथी जनरल अजय सिंह (उस समय कैप्टन) से उनकी अंतिम इच्छा के बारे में सुनिए.