लाइव, ट्रंप ने फ़्रांस के हालात के लिए प्रवासियों को ठहराया ज़िम्मेदार

राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका की स्थिति की तुलना यूरोप से करते हुए कहा कि देश को उन ग़लतियों से बचना चाहिए, जो उनके मुताबिक़ यूरोप ने की हैं.

सारांश

लाइव कवरेज

चंदन कुमार जजवाड़े

  1. ट्रंप ने फ़्रांस के हालात के लिए प्रवासियों को ठहराया ज़िम्मेदार

    ट्रंप ने अमेरिका के लोगों को यूरोप के हालात के लेकर चेतावनी दी
    इमेज कैप्शन, ट्रंप ने अमेरिका के लोगों को यूरोप के हालात को लेकर चेतावनी दी

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कंसास के विचिटा में चुनावी रैली के दौरान फ़्रांस में जारी अशांति का ज़िक्र किया. उन्होंने आगामी मिडटर्म चुनावों के महत्व को बताते हुए समर्थकों को चेतावनी दी कि अमेरिका को ऐसी स्थिति से बचना होगा.

    ट्रंप ने फ़्रांस में हिंसा और तबाही के लिए "प्रवासियों, जिहादियों और कम्युनिस्टों को ज़िम्मेदार" ठहराया.

    उन्होंने यूरोप के वामपंथी नेताओं पर ऐसी इमिग्रेशन नीतियां अपनाने का आरोप लगाया, जो "पश्चिमी देशों के मूल्यों को कमज़ोर" करती हैं.

    राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका की स्थिति की तुलना यूरोप से करते हुए कहा कि देश को उन ग़लतियों से बचना चाहिए, जो उनके मुताबिक़ यूरोप ने की हैं.

    ट्रंप ने कहा, "वैश्विक वामपंथी यूरोप थर्ड वर्ल्ड के लाखों प्रवासियों को ला रहा है, जिनका पश्चिमी देशों के साथ बिल्कुल भी मेल नहीं है. वे फ़्रांस की हर चीज़ से नफ़रत करते हैं. वे उस देश को बर्बाद कर रहे हैं. हम अपने देश के साथ ऐसा नहीं होने देंगे."

    ट्रंप ने रिपोर्टरों से बातचीत में कहा कि उन्होंने पहले ही फ़्रांस के राष्ट्रपति को देश की सीमाओं को बंद करने की चेतावनी दी थी.

    ट्रंप ने कहा, "फ़्रांस में जो हो रहा है वह न तो स्कूलों की वजह है और न ही किसी अन्य वजह से. यह इमिग्रेशन की वजह से हो रहा है."

  2. फ़्रांस में व्यापक हिंसा के बाद पेरिस के कुछ इलाक़ों समेत कई शहरों में कर्फ़्यू, जारोस्लाव ल्युकीव

    पेरिस के एक इलाक़े में कर्फ़्यू के बाद पसरा सन्नाटा
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    फ़्रांस में बीते कुछ दिनों के दौरान हुए दंगों और लूटपाट के बाद अधिकारियों ने पेरिस के कुछ हिस्सों समेत कई शहरों में रात के समय कर्फ़्यू लगा दिया है.

    पेरिस पुलिस के मुताबिक़, प्लास द ला रिपब्लिक और ले आल शॉपिंग एरिया में स्थानीय समय के अनुसार रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ़्यू लागू रहेगा. बीते कुछ दिनों के दौरान इन इलाक़ों में प्रदर्शनकारी जुटे थे.

    शहर के केंद्र के कई अन्य हिस्सों में बिना अनुमति के सभाओं पर भी रोक लगा दी गई है.

    दक्षिणी फ़्रांस के मार्सेई, बोर्डो, नीस और लियोन के साथ-साथ उत्तरी शहर लील और अन्य कस्बों में भी आंशिक कर्फ़्यू लगाने की घोषणा की गई है. इन पाबंदियों के तहत कुछ जगहों पर युवाओं की आवाजाही और लोगों के जुटने पर रोक लगाई गई है.

    इससे पहले, गृह मंत्री लॉरां नुनेज ने माना कि कुछ शहरों में पुलिस ने हालात पर से नियंत्रण खो दिया था. कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने की तैयारियों को लेकर विपक्षी नेताओं ने उनकी कड़ी आलोचना की थी.

    पिछले महीने बेहतर स्कूल सुविधाओं की मांग को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन शुरू किया था. बाद में इन प्रदर्शनों में महंगाई समेत कई अन्य मुद्दे भी शामिल हो गए. बीते दिनों ट्रेड यूनियनों और विभिन्न प्रदर्शनकारी समूहों के शामिल होने से प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ गई.

    अधिकारियों के मुताबिक़, अब तक 2,500 से ज़्यादा लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है. समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, प्रदर्शन को काबू करने के दौरान क़रीब एक हज़ार पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.

    सोमवार को जारी संकट पर हुई बैठक के बाद देश के प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थानीय मेयरों को जरूरत के मुताबिक़ कर्फ़्यू लगाने का अधिकार दिया जा रहा है.