लंबे संघर्ष के बाद भी नहीं मिली खेती लायक ज़मीन
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पश्चिम बंगाल में सात चरणों में मतदान हो रहा है. दस साल पहले यहां सिंगूर नाम की जगह टाटा कार प्लांट की वजह से सुर्ख़ियों में आई. वहां प्लांट बनाने के लिए तत्कालीन सीपीएम सरकार ने किसानों से ज़मीन अधिगृहित की थी. जिसके ख़िलाफ़ लंबा आंदोलन चला.
ममता बनर्जी इसी मुद्दे को उठाकर सत्ता में आईं. किसानों को ज़मीन वापस मिली, लेकिन आज भी सिंगूर के किसान सियासत के खेल का ख़ामियाज़ा भुगत रहे हैं. देखिए बीबीसी संवाददाता नितिन श्रीवास्तव की ये ख़ास रिपोर्ट.
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