कोरोना के दौरान लॉकडाउन का फ़ैसला क्या दूसरी नोटबंदी जैसा था?

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भारत में कोरोना वायरस को रोकने के मकसद से 24 मार्च को शाम आठ बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम एक सन्देश में देशभर में एक सख़्त लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी.

उन्होंने चार घंटे बाद से, यानी 24 मार्च को 12 बजे रात से, इसे लागू करने का एलान किया.

प्रधानमंत्री ने लोगों को आश्वासन दिया कि महामारी के ख़िलाफ़ ये जंग तीन हफ़्तों में जीत ली जाएगी.

लेकिन, इस आश्वासन का असर सड़कों और बाज़ारों में नहीं दिखा. दहशत और घबराहट का माहौल पैदा हो गया.

दुकानों और बाज़ारों में ख़रीदारों की भीड़ और सड़कों पर निकल आए लाखों की संख्या में प्रवासी मज़दूर इस बात का संकेत थे कि देश के लोग इस प्रतिबंध के लिए तैयार नहीं थे.

क्या मोदी सरकार का यह लॉकडाउन जनता के ऊपर दूसरी नोटबंदी जैसा असर कर गया?

स्टोरीः ज़ुबैर अहमद

आवाज़ः शुभम किशोर

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