डाकिया, जो बुज़ुर्ग महिला तक पेंशन पहुँचाने के लिए क्या-कुछ नहीं करता
प्रकाशित
वो गाना तो आपने सुना ही होगा-डाकिया डाक लाया, अपने साथ खुशियों का पैगाम लाया.
आज भी दूर-दराज के इलाकों में डाकिया ही खुशियों का पैगाम पहुंचाता है.
ऐसी ही कहानी है, पोस्टमास्टर क्रिस्टुराजा की जो 100 साल की एक बुज़ुर्ग महिला तक पेंशन पहुंचाने के लिए हर महीने एक मुश्किल रास्ता तय करते हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)