भारत छोड़ो आंदोलन की नायिका अरुणा आसफ़ अली की कहानी
प्रकाशित
9 अगस्त, 1942 को मुंबई के गवालिया टैंक मैदान पर तिरंगा फहराने के साहसपूर्ण कार्य के लिए अरुणा आसफ़ अली को हमेशा याद किया जाता रहेगा.
अरुणा आसफ़ अली की पूरी कहानी सुना रहे हैं रेहान फ़ज़ल विवेचना में.
वीडियो प्रोडक्शनः देवाशीष कुमार
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