युद्ध ऐसी निशानियां हमेशा छोड़ जाता है और समय उन सबका गवाह होता है.
इमेज कैप्शन, टेट मॉडर्न की प्रदर्शनी कई मायनो में अलग है. यह प्रदर्शनी फ़ोटोग्राफ़ी और दुनिया की संघर्ष वाली जगहों के रिश्ते को बयां करती है. सिमोन नॉरफ़ॉल्क की ये तस्वीर काबुल के कारते चार ज़िले की एक व्यावसायिक इमारत की है. गोलियों से छलनी इस इमारत की तस्वीर 2003 में ली गई थी.
इमेज कैप्शन, 'कॉन्फ्लिक्ट टाइम फ़ोटोग्राफ़ी' नाम से आयोजित की जा रही इस फोटो प्रदर्शनी में शामिल की गई तस्वीरों में समय के बढ़ते हुए क्रम से बचने की कोशिश की गई है. इसकी बजाय प्रदर्शनी में यह जरूर ख्याल रखा गया कि तस्वीरें घटना के घट जाने के बाद कितनी जल्दी लिया गया था. प्रदर्शनी में रखी गई पहली तस्वीर ठीक हमले के वक्त ली गई थी जैसे कि लुक डेलाहये के बड़े फलक वाली ये फोटो. 2001 में अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी हवाई हमले के बाद उठता हुआ धमाका. (तालिबान ठिकाने पर अमरीकी बमबारी. साभारः लुक डेलाहये और गैलरी नथाली ओबाडिया, पैरिस/ब्रक्सेल्लेस)
इमेज कैप्शन, प्रदर्शनी में इसके बाद जो तस्वीरें रखी गई हैं वे संघर्ष के महीनों बाद या फिर सालों बाद ली गई हैं. च्लोए डेवे मैथ्यूज़ की तस्वीरें उस जगह की हैं जहां सौ साल पहले भाग रहे सैनिकों को गोली मार दी गई थी. (वेबरैंडेन-मोलेन, वेस्ट व्लांडेरेन 2013-17:00/15.12.2014)
इमेज कैप्शन, इस फोटो प्रदर्शनी में ऐसी तस्वीरें बहुत कम हैं जिनमें इंसानी चेहरे हों. डॉन मककुलिन की ये मशहूर तस्वीर 1968 के एक अमरीकी मरीन की है जो बमबारी के सदमे में लग रहा है.
इमेज कैप्शन, ज्यादातर तस्वीरों में इंसानी चेहरे नहीं दिखाई देते हैं. जैसे ये तस्वीर कज़ाकस्तान के कुर्चतोव शहर की है जहां परमाणु परीक्षण किए जाते थे. ओपीटोन पोल की ये तस्वीर 2012 में उर्सूला शुल्ज़-डॉर्नबर्ग ने ली थी.
इमेज कैप्शन, हिरोशिमा की तस्वीरों के रिकॉर्ड्स कई बार तैयार किए जा चुके हैं और इनसे जुड़ी प्रदर्शनियां भी होती रही हैं. इनमें से कुछ तो बम गिरने के ठीक 20 मिनट बाद तक ली गई थीं. ऐसी भी तस्वीरें हैं जो परमाणु हमले में मारे गए लोगों की काफी बाद में ली गई थीं. (दी मशरूम क्लाउड- 1945 में पहले विस्फोट के 20 मिनट बाद तोशियो फुकादो ने ये तस्वीर ली थी.)
इमेज कैप्शन, इस फोटो प्रदर्शनी में समय के अलग अलग काल खंडों में हुए संघर्षों को दिखाया गया है. उदाहरण के लिए जेर्ज़ी लेवेंस्की की 1960 में ली गई तस्वीरों में दूसरे विश्व युद्ध को बताने की कोशिश की गई है. ये एडॉल्फ़ हिटलर के युद्ध मुख्यालय वॉल्फ लायर की है.
इमेज कैप्शन, संघर्ष की ऐसी ही छवि शोमेई तोमा तोमात्सु की तस्वीर में भी दिखाई देती है. नागासकी में परमाणु हमले के बाद मिला स्टील का ये हेलमेट जिसमें सिर की हड्डी रह गई थी. साभारः ताका इशी गैलरी
इमेज कैप्शन, लंदन के टेट मॉर्डन गैलरी में 'कॉन्फ्लिक्ट टाइम फ़ोटोग्राफ़ी' प्रदर्शनी 15 मार्च 2015 तक चलेगी. (पियरे एंटनी थौरेट, रीम्स ऑफ्टर दी वार, 1927, प्राइवेट कलेक्शन)