दुनिया का सबसे ख़तरनाक़ रास्ता

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बोलीविया की इस सड़क को 'डेथ रोड' कहा जाता है. 1990 के दशक में यहां हर साल औसतन 1,300 जानें जाती थीं.

बस से जाते साइकिल यात्री
इमेज कैप्शन, सबसे अधिक दुर्घटनाओं की वजह से बोलीविया में एक सड़क को 'डेथ रोड' कहा जाता है. अब यह सड़क माउंटेन बाइकर्स की पसंदीदा सड़क बन गई है. फ़ोटोग्राफ़र फ़ेलिप एब्रेयू और रिपोर्टर लुइज़ फ़ेलिप सिल्वा ने इस पूरे रास्ते को साइकिल से तय किया और इसकी सीधी ढलान और शानदार दृश्यों को कैमरे में क़ैद किया. इन साइकिल यात्रियों और इनकी साइकिलों को ला कुंबर में 4,700 मीटर की ऊंचाई तक बस से लाया गया था.
यूंगास सड़क का छह सितम्बर को लिया गया दृश्य
इमेज कैप्शन, यहां से कोर्डिलेरा सेंट्रल में मध्य बोलीविया की पर्वत श्रंखला के शिखर साफ़ देखे जा सकते हैं. ला पाज़ शहर के पास क़रीब 66 किलोमीटर लंबा सीधी ढलान वाला रास्ता एंडेज़ रूट माउंटेन बाइकर्स का पसंदीदा रास्ता है. इसमें 3,500 मीटर की लगभग खड़ी ढलान है.
यूंगास सड़क पर एक साइकिल सवार
इमेज कैप्शन, कुछ जगह बहुत ज़्यादा खड़ी ढलान है, जहां साइकिल यात्रियों की अधिकतम रफ़्तार 50 किमीटर प्रति घंटे तक पहुंच जाती है. पहले 31 किलोमीटर तक का कैमिनो ए लोस यूंगास रास्ता पक्का है. यहां सबसे बड़ा ख़तरा वे बड़े-बड़े वाहन हैं जो संकरे रास्ते में भी बहुत रफ़्तार से चलते हैं.
यूंगास सड़क
इमेज कैप्शन, रास्ते के इस कच्चे हिस्से को दुनिया का सबसे ख़तरनाक़ रास्ता माना जाता है. 1990 के दशक में औसतन हर साल इस सड़क पर 1,300 लोगों को जान जाती थी.
दुर्घटनाग्रस्त बस
इमेज कैप्शन, 1980 के दशक में एकमात्र सबसे भयानक दुर्घटना हुई थी जिसमें एक बस 300 मीटर नीचे गिर गई थी. इसमें 100 से अधिक लोग मारे गए थे. यहां नीचे की ढलान इतनी खड़ी है कि सवारियों के बचने की बहुत कम गुंजाइश बचती है.
साइकिल सवार
इमेज कैप्शन, क्रॉस के ये चिह्न इस बात के गवाह हैं कि यहां दुर्घटना में लोगों की जान गई है.
युंगास में एक ट्रक
इमेज कैप्शन, इस सड़क पर बड़े वाहन दूसरों के लिए बहुत कम जगह छोड़ते हैं और कच्चे रास्तों में ख़तरनाक़ रूप से फ़िसलते हैं. 19वीं शताब्दी में इस सड़क का इस्तेमाल ला पाज़ से कोरोइको तक सामान ढुलाई के लिए किया जाता था. उस समय भी व्यापारी इस ख़तरनाक़ हिस्से से डरते थे.
युंगास सड़क
इमेज कैप्शन, लुटेरे इस संकरे रास्ते का इस्तेमाल व्यापारियों पर घात लगाकर हमला बोलने और उन्हें लूटने के लिए करते थे और इस दौरान वो क़त्ल भी कर दिया करते थे. इनमें सबसे कुख़्यात थे सल्वादोर सी, जिन्हें 1870 में पकड़ लिया गया और गोली मार दी गई. 2007 में ला पाज़ और कोरोइको के बीच एक नई सड़क बनी. ऊपर चढ़ने के लिए इसी सड़क का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि नीचे जाने के लिए उसी पुराने ख़तरनाक रास्ते का इस्तेमाल होता है. इससे दोनों सड़कों पर यातायात का बोझ कम रहता है.