पोस्टकार्ड: डॉक्टर रमेश तामीरी

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कश्मीरी पंडितों पर विशेष श्रृंखला: ‘इनका भी कश्मीर’.

अस्सी का दशक आधा बीतते बीतते कश्मीरी लड़कों के सीमा पार जाकर वहां के ट्रेनिंग कैंपों में हथियार चलाने और फ़ौजी भितरघात सीखने की ख़बरें आने लगी थीं.

इसके बाद भारत के ख़िलाफ़, कम्युनिस्टों के ख़िलाफ़ और पंडितों के ख़िलाफ़ कट्टरवादी अभियान शुरू हो गया.

सुनिए जम्मू में रह रहे डॉक्टर रमेश तामीरी का पोस्टकार्ड जिसमें उन्होंने बताया है कि वामपंथी आंदोलन से कश्मीरी पंडितों का मोहभंग कैसे हुआ.

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