पुलवामा में दो चरमपंथियों समेत 10 की मौत

पुलवामा में भारतीय सुरक्षा बलों और चरमपंथियों के बीच मुठभेड़
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भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा ज़िले के एक पुलिस परिसर में चरमपंथियों के आत्मघाती हमले में आठ सुरक्षाकर्मी और दो अज्ञात चरमपंथी मारे गए हैं.

पुलिस के मुताबिक एक तीसरा चरमपंथी भी मारा गया है, लेकिन उसका शव अभी तक बरामद नहीं हुआ है.

हमले के बाद, पुलिसकर्मियों के परिवार के सभी सदस्यों को परिसर से सुरक्षित निकाल लिया गया और वहां बंधक जैसी कोई स्थिति नहीं है.

पुलवामा में भारतीय सुरक्षा बलों और चरमपंथियों के बीच मुठभेड़

अंधाधुंध फ़ायरिंग कर घुसे चरमपंथी

अधिकारियों ने बताया कि शनिवार की सुबह करीब 3.45 बजे पुलिस परिसर में ग्रेनेड हमले और अंधाधुंध फ़ायरिंग के बाद चरमपंथी अंदर घुस गए.

जम्मू और कश्मीर पुलिस के महानिदेशक एस. पी. वैद ने बीबीसी को बताया कि इस मुठभेड़ में अब तक आठ सुरक्षाकर्मी और दो चरमपंथी मारे गए हैं.

उन्होंने कहा कि एक चरमपंथी इमारत से बाहर निकलकर अंधाधुंध फायरिंग करने लगा.

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मारा गया चरमपंथी

वैद ने बीबीसी को बताया, "बिल्डिंग से बाहर निकल कर उसने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, लेकिन उसे मौके पर ही मार गिराया गया."

इस मुठभेड़ में हताहतों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं और इनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है.

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बदले की कार्रवाई

भारतीय सेना ने कश्मीर घाटी में बड़े पैमाने पर इस साल चरमपंथ विरोधी ऑपरेशन शुरू किया है जिसे 'ऑपरेशन ऑल आउट' का कोड नाम दिया गया है.

चरमपंथियों के इस ताज़ा हमले को बदले की कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है.

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इंटरनेट सेवा बंद

सात महीने पहले शुरू किए गए इस ऑपरेशन में अब तक 140 से अधिक चरमपंथी मारे गए हैं.

एक अधिकारी ने बताया, "यह इस साल तीसरा आत्मघाती हमला है."

ज़िले में क़ानून और व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए अधिकारियों ने ज़िले में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को एहतियातन बंद कर दिए हैं.

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