क्या आज कांग्रेस को नया अध्यक्ष मिल जाएगा ?

सोनिया गांधी, राहुल गांधी
प्रकाशित
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कांग्रेस का नया अध्यक्ष कौन होगा, ये तय करने के लिए कांग्रेस कार्यसमिति की दिल्ली में बैठक जारी है.

बैठक में राहुल गांधी ने अपना इस्तीफ़ा वापस लेने से एक बार फिर इनकार किया. हालांकि उन्होंने कांग्रेस पार्टी के संगठनात्मक कामों को करते रहने की प्रतिबद्धता जताई.

पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक बयान जारी कर कहा कि राहुल गांधी ने एक जिम्मेवार विपक्षी नेता के तौर पर कार्यकर्ताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लोहा लेते रहने का संकल्प ज़ाहिर किया है.

बयान में कहा गया है कि राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यसमिति से अनुरोध किया कि कार्यसमिति के सदस्यों के साथ साथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों, विधायक दल के नेताओं, सांसदों और संगठन के पदाधिकारियों से एक व्यापक विचार विमर्श किया जाए ताकि कार्य समिति के सामने एक साफ़ राय उभरकर आए.

कांग्रेस कार्य समिति ने पांच उप समितियां बनाकर देश के अलग अलग हिस्से से आए पार्टी पदाधिकारियों से विचार विमर्श किया है.

शनिवार की बैठक में यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और एके एंटनी, मल्लिकार्जुन खड़गे और ज्योतिरादित्य सिंधिया आदि नेता मौजूद थे.

मुकुल वासनिक 25 साल की उम्र में पहली बार सांसद चुने गए थे
इमेज कैप्शन, मुकुल वासनिक का नाम दौड़ में आगे चल रहा है. वासनिक 25 साल की उम्र में पहली बार सांसद चुने गए थे.

अध्यक्ष पद के लिए मुकुल वासनिक, सुशील कुमार शिंदे, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी, ज्योतिरादित्य सिंधिया और सचिन पायलट के नामों की खासी चर्चा रही है.

खड़गे केंद्रीय मंत्री रहने के अलावा पिछली लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता भी थे. वहीं 59 वर्षीय वासनिक केंद्रीय मंत्री भी रहे हैं और उनका अच्छा खासा प्रशासनिक अनुभव भी रहा है.

वासनिक इस समय कांग्रेस महासचिव हैं और गांधी परिवार के काफ़ी क़रीबी समझे जाते हैं.

लोकसभा चुनाव में मिली हार की ज़िम्मेदारी लेते हुए राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया था लेकिन सीडब्ल्यूसी ने उनके इस्तीफ़े को स्वीकार नहीं किया था.

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जबसे राहुल गांधी ने इस्तीफ़ा दिया है, कांग्रेस पार्टी में एक असमंजस की स्थिति बनी हुई है.

ये असमंजस अनुच्छेद 370 के संदर्भ में संसद में भी दिखा जब लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने जम्मू कश्मीर के मामले को संयुक्त राष्ट्र की बात करके विवाद खड़ा कर दिया.

मोदी सरकार ने जब जम्मू कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा ख़त्म किया तो कांग्रेस के कुछ नेताओं ने पार्टी लाइन से हटकर सरकार के कदम का समर्थन किया.

समर्थन करने वालों में ज्योतिरादित्य सिंधिया और वरिष्ठ नेता जनार्दन द्विवेदी अग्रणी थे.

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