चीन के विदेश मंत्री भारत से तनाव के बीच अचानक पहुंचे तिब्बत- प्रेस रिव्यू

चीन
प्रकाशित

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने तिब्बत में बॉर्डर इंफ़्रास्ट्रक्चर का निरीक्षण किया है.

उनका यह निरीक्षण कई मायनों में महत्वपूर्ण और विरले माना जा रहा है. द हिंदू ने इस ख़बर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है.

चीनी मीडिया इसे भारत-चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चल रहे विवाद से जोड़कर देख रहा है.

वांग यी ने शुक्रवार को तिब्बत में कम्युनिस्ट पार्टी के शीर्ष अधिकारी वू यिंग्जी के साथ तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र की सरकार क़िज़ला के अध्यक्ष से मुलाक़ात की और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करने की अपील की.

आधिकारिक समाचार पत्र तिब्बत डेली के हवाले से चीन के सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि वांग यी ने कहा कि राजनयिक मोर्चा तिब्बत में लोगों के साथ मिलकर राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्र में स्थिरता के लिए काम करेगा क्योंकि चीन के संपूर्ण विकास के लिए यह महत्वपूर्ण है.

ग्लोबल टाइम्स की ख़बर के मुताबिक़, इस यात्रा की पृष्ठभूमि जून महीने में भारत-चीन के बीच गलवान घाटी में हुई हिंसा है. गाँवों का निर्माण वांग ने इंफ़्रास्ट्रक्चर के साथ ही सीमाई क्षेत्र के गाँवों की स्थिति का भी जायज़ा लिया.

रिपोर्ट के मुताबिक़ वांग ने ग़रीबी उन्मूलन, बुनियादी ढांचे के निर्माण और गाँवों के निर्माण की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली. ग्लोबल टाइम्स टेलीविज़न नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, वांग ने वर्तमान अंतरराष्ट्रीय स्थिति और राजनयिक कामों की मुख्य योजनाओं के संदर्भ में स्थानीय अधिकारियों की एक सभा में हिस्सा भी लिया.

इसके साथ ही उन्होंने कोविड19 महामारी और इससे उपजी अंतरराष्ट्रीय स्थिति और चुनौतियों का भी ज़िक्र किया. उन्होंने ये भी कहा कि विदेश मंत्रालय तिब्बत पर शासन के लिए स्थानीय अधिकारियों के सहयोग से मिलकर काम करेगा.

भारत के साथ चल रहे सीमा तनाव का ज़िक्र किए बिना विदेश मंत्री ने चीन की मौजूदा अंतरराष्ट्रीय स्थिति और चीन की कूटनीति के संदर्भ में कहा कि तिब्बत ने बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत आर्थिक, सीमा क्षेत्रों की स्थिरता, बाहरी सहयोग का हिस्सा बनने में और विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है.

चीन

बीआरआई परियोजनाओं के तहत तिब्बत, नेपाल तक के लिए एक क्रॉस बॉर्डर इकोनॉमिक कॉरिडोर है. जिसे ट्रांस हिमालयन मल्टी डायमेंशनल कनेक्टिविटी नेटवर्क परियोजना भी कहा जाता है, जिसमें चीन और नेपाल को जोड़ने वाला रेलवे लिंक भी शामिल है.

ग्लोबल टाइम्स ने वांग की इस यात्रा को उनकी हर साल की विशेष यात्राओं का ही हिस्सा बताया है. इससे पूर्व शुक्रवार को ही चीन में भारत के राजदूत विक्रम मिस्त्री ने चीन के शीर्ष सैन्य निकाय से बीजिंग में मुलाक़ात भी की. जिसमें वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चल रहे विवाद को लेकर चर्चा की ख़बर है.

चीन

सीमांत क्षेत्रों में भर्ती होंगे एक लाख एनसीसी कैडेट्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से एनसीसी कैडेट्स की भर्ती की घोषणा की थी. उनकी घोषणा के एक दिन बाद ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीमावर्ती एवं तटीय ज़िलों में एनसीसी के विस्तार की योजना को मंज़ूरी दे दी है. कुल 173 सीमावर्ती एवं तटीय ज़िलों में एक-एक लाख छात्र-छात्राओं को एनसीसी में शामिल किया जाएगा.

ख़ास बात ये है कि इसमें एक-तिहाई छात्राएं भी शामिल होंगी. दैनिक हिंदुस्तान ने इस ख़बर को पहले पन्ने पर प्रकाशित किया है. इसके लिए एक हज़ार से ज़्यादा स्कूल और कॉलेजों की पहचान की है जहां यह योजना शुरू की जाएगी.

वीडियो कैप्शन, रूस ने कोरोना वैक्सीन बनाने में जल्दबाज़ी तो नहीं की?

इस महीने के अंत तक का सकती है रूस में बनी कोरोना वैक्सीन की पहली खेप

इस ख़बर को इंडियन एक्सप्रेस ने प्रकाशित किया है.

रूस का दावा है कि उसने कोरोना वायरस से निपटने वाली दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन बना ली है. न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के हवाले से कहा गया है कि इस वैक्सीन का पहला बैच तैयार है.

रूस ने 11 अगस्त को दावा किया था कि उसने कोरोना की पहली वैक्सीन बना ली है. मॉस्को के गामालेया इंस्टिट्यूट में यह वैक्सीन तैयार की गई है और अप्रूव भी. रूस का दावा है कि यह वैक्सीन इंसानों पर पूरी तरह सुरक्षित है.

अख़बार ने न्यूज़ एजेंसी के हवाले से लिखा है कि यह वैक्सीन इस महीने के अंत तक बाज़ारों में आ सकती है.

एक दशक के निचले स्तर पर आ सकते हैं गैस के दाम

देश में प्राकृतिक गैस के दाम अक्टूबर से घटकर 1.9 से 1.94 डॉलर प्रति इकाई पर आ सकते हैं.

यह देश में पिछले एक दशक से अधिक में प्राकृतिक गैस कीमतों का सबसे निचला स्तर होगा. इससे ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) जैसी गैस उत्पादक कंपनियों का राजस्व बुरी तरह प्रभावित हो सकता है.

इन कंपनियों को पहले से ही गैस उत्पादन पर भारी नुकसान हो रहा है.

जनसत्ता ने इस ख़बर को प्रकाशित किया है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)