नीतीश को झटका, लालू को फ़ायदा

- Author, मणिकांत ठाकुर
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, पटना
- प्रकाशित
बिहार विधानसभा की 18 सीटों के लिए हुए उपचुनावों में लालू प्रसाद और रामविलास पासवान के दलों ने अच्छा प्रदर्शन किया है जबकि सत्तारुढ़ जद (यू) और बीजेपी को झटका लगा है.
18 सीटों पर हुए उपचुनावों में आरजेडी को छह और लोक जनशक्ति पार्टी को तीन सीटें मिली हैं. दूसरी तरफ़ पिछले लोकसभा चुनावों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली जद यू को मात्र तीन और बीजेपी को दो सीटें मिली हैं. कांग्रेस को दो सीटें मिली है. बहुजन समाज पार्टी को एक और निर्दलीय उम्मीदवार को एक सीट मिली है.
दिल्ली में द्वारका विधानसभा के लिए हुए उपचुनाव में बीजेपी ने जीत दर्ज़ की है जबकि जामिया नगर विधानसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव में राजद के उम्मीदवार को जीत मिली है.
बिहार में पिछले लोकसभा चुनावों में जद यू और बीजेपी के गठबंधन ने 40 में से 33 सीटें जीती थीं जबकि राजद को चार सीटों से संतोष करना पडा था. रामविलास पासवान की लोजपा को एक भी सीट नहीं मिली थी.
इसके मद्देनज़र विधानसभा उपचुनाव के परिणाम काफ़ी चौंकाने वाले हैं और कुछ प्रेक्षक इसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शासन की ख़ामियों और लालू प्रसाद की वापसी के तौर पर देख रहे हैं.
परिणामों के बाद नीतीश कुमार का कहना था कि वो अपने काम से नहीं डिगेंगे और विनम्रता से परिणामों को स्वीकार करते है. उनका कहना था कि वो अपने बाकी के कार्यकाल में पूरी लगन से काम करते रहेंगे और फिर जनता के पास काम के साथ जाएंगे.
दूसरी तरफ़ लालू प्रसाद इन परिणामों से प्रसन्न दिखे और अपने चिरपरिचित अंदाज़ में कहा कि ये सेमी फ़ाइनल है और अगले विधानसभा चुनावों में राज्य में राजद की सरकार बनेगी.





















