रुचिका की बरसी पर न्याय की गुहार

रुचिका की मित्र आराधना ने उसकी बरसी पर मंगलवार से हस्ताक्षर अभियान शुरू करने की घोषणा की है.
उधर, एक ग़ैरसरकारी संगठन ने सोमवार को घोषणा की कि वह पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर रूचिका गिरहोत्रा छेड़छाड़ और आत्महत्या मामले की जांच की मांग करेगा.
उल्लेखनीय है कि 29 दिसंबर,1993 को रुचिका की मौत हो गई थी.
रुचिका की सहेली आराधना ने कहा कि रुचिका की बरसी पर वो इंसाफ़ की आस में दीपक जलाएंगी और उसके बाद एक मार्च के साथ वो रुचिका के घर जाएंगी, वहां कुछ देर का मौन रखकर रुचिका को श्रद्धांजलि दी जाएगी.
आराधना ने कहा कि इस मार्च में लोग शामिल होंगे और रुचिका को न्याय दिलाने के लिए आवाज बुलंद की जाएगी.
साथ ही उन्होंने ईमेल के जरिए लोगों से संदेश भेजने का भी अनुरोध किया है.
जांच की माँग
दूसरी ओर ग़ैरसरकारी संगठन वर्ल्ड ह्यूमन राइट्स काउंसिल (डब्ल्यूएचआरसी) ने कहा कि वह 1990 में एसपीएस राठौर के लड़की के साथ छेड़छाड़ और घटना के तीन साल बाद आत्महत्या की परिस्थितियों के मामले की जांच की मांग करेगा.
डब्ल्यूएचआरसी के अध्यक्ष रंजन लखनपाल ने कहा कि जनहित याचिका मंगलवार को अदालत के समक्ष दायर की जाएगी और इसमें रूचिका के भाई के ख़िलाफ़ ग़लत मामला दर्ज करने की जांच का भी अनुरोध किया जाएगा.
हरियाणा के पूर्व डीजीपी ने 1990 में उभरती टेनिस खिलाड़ी रूचिका से छेड़छाड़ की थी और उस समय वो पुलिस महानिरीक्षक थे.
रुचिका ने 29 दिसंबर, 1993 को आत्महत्या कर ली थी.
क़रीब 19 साल बाद पिछले दिनों अदालत ने एसपीएस राठौर को छह महीने क़ैद की सज़ा सुनाई थी.
लेकिन रुचिका के पिता एसपी गिरहोत्रा इससे संतुष्ट नहीं. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा था कि इस मामले में अभियुक्त एसपीएस राठौर को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए और क़ानून में भी बदलाव करना चाहिए.

























