मॉल बनाम किराना दुकान

भारत के उद्योग और वाणिज्य मामलों से जुड़े संगठन एसोचैम ने अपने एक सर्वेक्षण में पाया है कि देश भर में लोग बड़े-बड़े शॉपिंग मॉल की बजाए किराना दुकानों से ख़रीदारी करना ज़्यादा पसंद करते हैं.
सर्वेक्षण में पाया गया है कि मॉल के मुक़ाबले आम किराना दुकानों पर चीज़ें 25 प्रतिशत तक सस्ती मिलती हैं और उन्हें अपनी ख़रीदी गई वस्तु पर कोई वैट भी नहीं देना पड़ता है.
एसोचैम के सोशल डेवलपमेंट फ़ाउंडेशन ने यह सर्वेक्षण इसी साल मार्च और अप्रैल महीने में देश के महानगरों समेत 15 शहरों में करवाया.
उपभोक्ताओं ने बताया कि यह एक मिथक है कि शॉपिंग मॉल में बढ़िया प्रकार की चीज़ें होती हैं हालांकि उसी प्रकार की चीज़ें किराना दुकानों पर उपलब्ध हैं और वह भी जहां आप मोल-तोल कर सकते हैं.
इस सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि बड़े-बड़े मॉल जिन चीज़ों को कम क़ीमत पर निकाल रहे होते हैं वे भी किराना दुकानों पर मिलने वाले लाभ से कम है और इसकी ओर सिर्फ़ अपमार्केट के ख़रीदार ही आकर्षित होते हैं.
जिन शहरों में यह सर्वेक्षण किया गया उनमें दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बंगलोर, मुंबई, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद, लखनऊ, पटना, भोपाल, नागपुर, कानपुर, जयपुर और लुधियाना शामिल हैं.
उप-नगर

इन शहरों के तक़रीबन 5000 से ज़्यादा ख़रीदारी करने वालों से बात की गई.
इसके विपरीत सर्वेक्षण में ये पाया गया कि ग़ाज़ियाबाद, गुड़गांव, नोएडा, फ़रीदाबाद और नवी मुंबई जैसे उप-नगरों में मॉल की ओर लोगों का रुजहान बढ़ रहा है.
लेकिन इसके साथ ही यह भी पाया गया कि सामानों की क़ीमत में अत्यधिक अंतर और सस्ती चीज़ों के अभाव में इन शहरों के ख़रीदारों का बहुत जल्द मोह-भंग हो जाता है.
ऐसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने सर्वेक्षण की जानकारी देते हुए कहा, बड़े मॉल ख़रीदारों को सिर्फ़ लुभाती है और उनके जीब ख़ाली कर देती है जबकि मॉल के मुक़ाबले दुकानों में विभिन्न बड़े ब्रांडों को जांचने और मोल-तोल का भी मौक़ा मिलता है.
सर्वेक्षण से यह भी पता चलता है कि मॉल ने स्थानीय पारंपरिक बाज़ारों से लोगों का रुख़ अपनी तरफ़ पूरी तरह से मोड़ने में नाकाम रही है.
लोग इन दुकानों पर कई कारणों से जाते हैं जैसे जाना-पहचाना माहौल, वहां पहुंचने में आसानी, तरह तरह के माल, बाज़ार का जल्दी खुलना और दर गए बंद होना वग़ैरह.
मॉलों में हर ख़रीदारी के लिए कैश मेमो लेने से भी ग्राहक घबराते हैं.

























