'भोपाल कांड के सारे तथ्य सामने आएँगे'

भारत सरकार ने कहा है कि भोपाल गैस त्रासदी मामले के लिए बना विशेष मंत्रीसमूह इस घटना से जुड़े सब पहलुओं पर ग़ौर करेगा और सारे तथ्य देश के सामने रखे जाएँगे.
इस मामले में भोपाल की निचली अदालत का फ़ैसला आने के बाद से ही ये सवाल उठाया जा रहा है कि वॉरन एंडरसन को देश छोड़कर कैसे जाने दिया गया.
सूचना और प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी से जब पत्रकारों ने बार-बार इन आरोपों के बारे में पूछा कि वॉरन एंडरसन को जानबूझ कर भारत से बाहर जाने दिया गया तो उन्होंने कहा कि मंत्रीसमूह इस मामले की भी जांच करेगा और तथ्यों को उजागर किया जाएगा.
अंबिका सोनी एंडरसन मामले पर दिग्विजय सिंह के बयान पर भी पार्टी का बचाव करती नज़र आईं.
मीडिया में आ रही ख़बरों के मुताबिक भोपाल गैस कांड के दौरान राज्य सरकार में मंत्री रहे दिग्विजय सिंह ने कहा है कि हो सकता है कि इस मामले पर सरकार की कार्रवाई अमरीका के दवाब में की गई थी.
इस पर अंबिका सोनी ने कहा है कि इस मामले में कोई किसी पर आरोप नहीं लगा रहा है.
फ़ैसला
पच्चीस साल के इंतज़ार के बाद कुछ दिन पहले ही भोपाल गैस कांड मामले में भोपाल की निचली अदालत का फ़ैसला आया है. इसमें आठ लोगों को दोषी मानते हुए अदालत ने दो-दो लाख रुपए की सज़ा सुनाई है और जु्र्माना भी लगाया है. लेकिन सज़ा सुनाने के कुछ देर बाद ही सभी अभियुक्तों को ज़मानत भी मिल गई थी.
इस मामले में यूनियन कार्बाइड के प्रमुख वॉरेन एंडरसन फ़रार घोषित किए गए हैं,फ़ैसले में उनके बारे में कुछ नहीं कहा गया. 89 वर्षीय एंडरसन त्रासदी के समय अमरीका में यूनियन कार्बाइड कॉरपोरेशन के प्रमुख थे. वे अमरीका में ही रहते हैं.
वैसे क़ानून मंत्री वीरप्पा मोइली कह चुके हैं कि यूनियन कार्बाइड के पूर्व प्रमुख वॉरन एंडरसन के ख़िलाफ़ मुक़दमा ख़त्म नहीं हुआ है.
वीरप्पा मोइली का कहना था कि सीबीआई ने जो चार्जशीट दाख़िल की है उसमें एंडरसन का नाम शामिल है.

























