13 चरमपंथियों ने आत्मसमर्पण किया

भारत के पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में शुक्रवार को 13 अलगाववादियों ने बांग्लादेश में अपने अड्डों को छोड़कर भारतीय अधिकारियों के आगे आत्मसमर्पण किया.
त्रिपुरा पुलिस के ख़ुफ़िया विभाग के प्रमुख के सलीम अली ने बीबीसी को बताया कि बाग़ियों ने 15 एके 47 राइफ़ल और अधिक मात्रा में गोले बारूद सौंपे हैं.
चरमपंथियों ने राजधानी अगरतला के क़रीब एक समारोह में राज्य में तैनात अर्द्धसैनिक बल असम राइफ़ल्स के प्रमुख ब्रिगेडियर एस टी उपासनी के सामने आत्मसमर्पण किया.
बांग्लादेश की मुहिम
ऑल त्रिपुरा टाइगर्स फ़ोर्स के तथाकथित कप्तान महादेव त्रिपुरा उर्फ़ जेस्टर ने कहा, ''हम लोग बांग्लादेश में शाइस्तागंज शहर से सटे सातचेरी में अपना अड्डा छोड़कर भाग आए हैं.क्योंकि बांग्लादेश में सुरक्षा बलों ने हमारा जीवन दूभर कर दिया है.वे हमें हर जगह खोज रहे हैं.''
महादेव त्रिपुरा शुक्रवार को आत्मसमर्पण करने वाले 13 चरमपंथियों के नेता हैं.
जनवरी 2009 से जब शेख़ हसीना बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनीं हैं बांग्लादेश ने भारत के पूर्वोत्तर के चरमपंथियों को देश से खदेड़ना शुरू कर दिया है. बांग्लादेश की पिछली सरकारें इन चरमपंथियों को कथित रूप से शरण दे रहीं थीं.
पिछले कुछ महीनों में जिन बडे चरमपंथी नेताओं को बांग्लादेश ने पकड़ कर भारत के हवाले कर दिया है उनमें शक्तिशाली संगठन अल्फ़ा और एनडीएफ़बी के प्रमुख भी शामिल हैं
इन चरमपंथी गुटों के ख़िलाफ़ सख्त क़दम उठाने के लिए भारत सरकार ने सार्वजनिक रूप से बांग्लादेश की नई सरकार का शुक्रिया अदा किया हैं.

























