माओवादियों ने अपहरण से इंकार किया

- Author, सुबीर भौमिक
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, कोलकाता
- प्रकाशित
माओवादियों ने गुरुवार को इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक अधिकारी और उनके दोस्त के अपहरण करने की बात से इनकार किया है.
इससे पहले ऐसी ख़बरें आई थीं कि इंटेलिजेंस ब्यूरो के इंस्पेक्टर पार्थ विस्वास और उनके दोस्त सौम्यजीत बसु को पश्चिम बंगाल के पुरुलिया ज़िले से माओवादियों ने अगवा कर लिया गया है.
माओवादियों के इस दावे के बाद अगवा व्यक्तियों के स्वास्थ्य के बारे में चिंता जताई जा रही है.
माओवादी प्रवक्ता बिक्रम ने गुरुवार को मीडिया को जारी एक बयान कहा है,"हमें मीडिया से पता चला है कि एक आईबी इंस्पेक्टर और एक स्कूल अध्यापक को अगवा कर लिया गया है. लेकिन हमारा इसमें कोई हाथ नहीं है."
इससे पहले माओवादियों के एक वरिष्ठ नेता कोटेश्वर राव उर्फ़ किशनजी ने कहा था कि उन्हें अगवा व्यक्तियों के बारे में कोई जानकारी नहीं है.
माओवादी प्रवक्ता बिक्रम ने अपने बयान में कहा है कि इस घटना के पीछे पुलिस के भीतर आपसी मतभेद भी हो सकते हैं.
बयान में ये भी कहा गया है कि माओवादी भी इस घटना की जांच कर रहे हैं.
चिंता
पश्चिम बंगाल के पुलिस प्रमुख नपरजीत मुखर्जी अगवा किए गए आईबी के इंस्पेक्टर और उनके दोस्त के बारे में चिंतित हैं.
मुखर्जी ने बीबीसी को बताया कि उन्हें यक़ीन है कि इन लोगों को माओवादियों ने ही अगवा किया है.
मुखर्जी ने बीबीसी को बताया,"माओवादी क्यों मुकर रहे हैं? सब जानते हैं कि ये उनका ही काम है.यहां तक कि उन्होंने अगवा किए अधिकारी के घर वालों को फ़ोन भी किया है."
इंटेलिजेंस ब्यूरो के इंस्पेक्टर पार्थ बिस्वास और उनके मित्र सौम्यजीत बसु 23 अक्तूबर से पश्चिम बंगाल के पुरुलिया ज़िले के 'अयोध्या हिल्स' इलाक़े से लापता हैं.
पुलिस का दावा है कि इन्हें माओवादियों ने अगवा किया है.

























