अमरीका भारत के साथ एकजुट है: बाराक ओबामा

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपनी भारत यात्रा की शुरुआत मुंबई के ताज होटल में 26 नवंबर के हमलों का शिकार हुए लोगों और उनके परिजनों से मिलने से की.
अमरीकी राष्ट्रपति और उनकी पत्नी मिशेल ताज में ही ठहरे हैं. ॉ
ओबामा भारतीय समय के अनुसार दोपहर 12 बजकर 45 मिनट पर छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे.
राष्ट्रपति ओबामा शनिवार का दिन मुंबई में बिताएंगे. उनकी इस यात्रा को लेकर पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं.
<link type="page"><caption> क्या सौगात लाएंगे बराक ओबामा?</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2010/11/101102_obama_preview_ra.shtml" platform="highweb"/></link>
बीबीसी संवाददाता शकील अख्तर के अनुसार चरमपंथ के मुद्दे पर पाकिस्तान के रुख और अमरीका के साथ पाकिस्तान के संबंधों को लेकर भारत आशंकित रहा है.
ऐसे में ताज में अपने बयान के ज़रिए ओबामा इस मसले पर अपना रुख साफ कर सकते हैं.
ताज के आसपास सुरक्षा के इंतज़ाम बेहद कड़े हैं. मुंबई पुलिस के अलावा एनएसजी कंमाडों भी इलाके में तैनात हैं और हर सरफ उनकी पैनी नज़र है.
सुरक्षा इंतज़ामों के चलते इस इलाके में लोगों से कहा गया है कि वो छतों पर न जाएं और पटाखे़ आदि न जलाएं.
ओबामा मणिभवन स्थित गांधी स्मारक भी जाएंगे. जिसके बाद वो 'यूएस-इंडिया बिज़नस काउंसिल' में भारत और अमरीकी व्यापार जगत से जुड़े लोगों और उद्दोगपतियों से मिलेंगे.
<link type="page"><caption> क्या ख़ास है मणि भवन में?</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2010/11/101102_obama_preview_ra.shtml" platform="highweb"/></link>
ओबामा की भारत यात्रा का एजेंडा प्रमुख तौर पर आर्थिक है. उनके साथ इस यात्रा में लगभग 200 अमरीकी कारोबारी आए हैं.
बीबीसी संवाददाता के अनुसार ओबामा ने एक तय रणनीति के तहत भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई से अपनी यात्रा की शुरुआत की है.

ओबामा संकट से घिरी अमरीकी अर्थव्यवस्था के लिए बाज़ार तलाश रहे हैं. मुंबई में भारतीय-अमरीकी व्यापारियों और उद्योगपतियों से मिलकर वो इसके लिए समझौतों की ज़मीन तैयार करेंगे और फिर इस बुनियाद के साथ दिल्ली का रुख करेंगे.
नई आधारभूमि
इस बीच अपनी यात्रा से पहले अमरीकी समाचार पत्र 'न्यूयॉर्क टाइम्स' को दिए अपने एक लेख में ओबामा ने कहा कि अमरीका को अब अपनी अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए नई आधारभूमि तैयार करनी है.
उन्होंने कहा, ''अमरीकियों के पास इस बात का हुनर है कि वो ऐसे उत्पादों की खोज करें और उन्हें विकसित करें जो दुनियाभर में बिकते हैं. ये हमारे अर्थतंत्र की बुनियाद है, जो नई आधारभूमि का हिस्सा बनेगी.''
<link type="page"><caption> ओबामा के सामने हैं कई सवाल</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2010/11/101102_obama_amit_analysis_rp.shtml" platform="highweb"/></link>
ओबामा ने कहा कि एशिया की उनकी यात्रा का मकसद इन देशों में अमरीका के निर्यात को बढ़ावा देना है.
उन्होंने कहा, ''हमारे समय की सबसे बड़ी चुनौती ये देखना है कि अमरीका सभी तरह की नौकरियों और उद्योगों की प्रतिस्पर्धा के लिए भविष्य में खुद को तैयार रख सके. यह एक मुश्किल काम है और संभव है कि आसान रास्ता अपनाने के लिए हम दूसरे देशों से मुकाबला करने कि बजाय अपने बाज़ारों को सीमित कर लें. लेकिन आज के विश्व में यह विकास का रास्ता नहीं. ''
''हमें अपनी सेवाएं और उत्पाद दुनियाभर के बाज़ारों के लिए तैयार करने होंगे. खासतौर पर एशियाई बाज़ार. इस तरह हम एक मज़बूत अर्थव्यस्था तैयार करेंगे जिसकी नींव बेहद मज़बूत होगी.''

























