सेना ने अब्दुल्ला से माफ़ी माँगी

- Author, अल्ताफ़ हुसैन
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर
- प्रकाशित
भारतीय सेना ने जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सार्वजनिक रूप से आलोचना करने के लिए उनसे माफ़ी माँगी है.
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर शिकायत की थी कि भारतीय सेना सरकार के कामकाज में'हस्तक्षेप' कर रही है.
भारतीय सेना के उत्तरी कमान के जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रदीप कोचर ने बीबीसी से फ़ोन पर बातचीत में कहा, "हाँ, हमने माफ़ी माँगी है."
मंगलवार को सेना के उत्तरी कमान ने एक बयान जारी करके श्रीनगर से अर्धसैनिक बलों के कुछ बंकर हटवाने के मुख्यमंत्री के फ़ैसले की आलोचना की थी.
उत्तरी कमान के इस बयान को बाद में वापस ले लिया गया था मगर कुछ अख़बारों ने इसे प्रकाशित कर दिया था.
इस बयान में कहा गया था कि मुख्यमंत्री के राजधानी से अर्धसैनिक बलों के बैरक हटाने के फ़ैसले से चरमपंथियों के हौसले बढ़े हैं, इसके उदाहरण के तौर पर सोमवार को करमावाड़ी में हुई गोलीबारी का ज़िक्र किया गया था जिसमें तीन चरमपंथी और एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी.
बयान में कहा गया था, "(उमर अब्दुल्ला के) इस फ़ैसले से कुछ कट्टरपंथी अलगाववादी और पाकिस्तान में बैठे उनके आईएसआई के आका ख़ुश होंगे लेकिन घाटी के आम आदमी का क्या होगा?"
इसके अलावा ने सेना ने यह भी स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह राज्य के कुछ ज़िलों से आर्म्ड फ़ोर्सेज़ स्पेशल पावर्स ऐक्ट को हटाए जाने के ख़िलाफ़ है.
बंकरों को हटाए जाने का फ़ैसला कश्मीर में स्थिति शांत करने के प्रयासों तहत केंद्र सरकार से मशविरा करने के बाद लिया गया था.
इससे पहले भी भारतीय सेना मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सार्वजनिक रूप से आलोचना कर चुकी है.
यहाँ तक कि विपक्षी दल पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता महबूबा मुफ़्ती भी इस बात पर चिंता प्रकट कर चुकी हैं कि भारतीय सेना के अधिकारी सार्वजनिक बयान न देने की परंपरा को तोड़ रहे हैं.

























