करमापा लामा से फिर पूछताछ

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तिब्बतियों के तीसरे सबसे महत्वपूर्ण गुरु करमापा लामा से एक बार फिर पुलिस पूछताछ कर रही है. मामला छापे में बरामद विदेशी मुद्रा है.
शुक्रवार को पुलिस ने हिमाचल प्रदेश में धर्मशाला के निकट स्थित करमापा के मठों और अन्य ठिकानों पर छापे मारे थे. जिनमें बड़ी संख्या में विदेशी और भारतीय मुद्रा बरामद की गई थी. इनमें चीना मुद्रा युआन भी शामिल थी.
भारतीय अधिकारी इसका स्रोत पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं. ये भी जाँच की जा रही है कि कहीं ये राशि उस नए मठ पर तो नहीं ख़र्च की जानी थी, जिसका मकसद चीन की नीतियों को बढ़ावा देना माना जा रहा है.
हालाँकि करमापा का कार्यालय इन आरोपों से इनकार करता है. करमापा के सहयोगियों का दावा है कि ये पैसा ज़मीन ख़रीदने के लिए था.
जाँच
ख़ुफ़िया अधिकारी भी इस मामले की जाँच में लगे हुए हैं. भारतीय मीडिया में आ रही रिपोर्टों के मुताबिक़ पुलिस कई जगह और छापे मार रही है.
अधिकारियों का कहना है कि करमापा लामा ने तीसरी बार नए मठ के लिए ज़मीन ख़रीदने की कोशिश की है, हालाँकि उस समय सेंट्रल बैंक ने पैसे के स्रोत पर सवाल उठाते हुए इस कोशिश पर लगाम लगा दी थी.
इस बीच पुलिस ने धर्मशाला के एक व्यवसायी केपी भारद्वाज और एक बैंक अधिकारी डीके धर को गिरफ़्तार किया है. इसके साथ ही इस मामले में गिरफ़्तार लोगों की संख्या पाँच हो गई है.
इनमें से दो लोग करमापा के सहयोगी हैं. दूसरी ओर तिब्बत की निर्वासित सरकार ने एक बयान में कहा है कि उसे करमापा पर पूरा भरोसा है.
धर्मशाला में ही तिब्बतियों के धार्मिक गुरु दलाई लामा भी रहते हैं और यहीं से तिब्बतियों की निर्वासित सरकार भी चलती है.
तिब्बत के बाहर रहने वाले एक लाख 40 हज़ार तिब्बतियों में से एक लाख से ज़्यादा तिब्बती भारत में रहते हैं.

























