150 युवक चढ़े टंकी पर

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इमेज कैप्शन, भिलाई में कई बच्चे अप्रेंटिस की ट्रेनिंग के बाद नौकरी की मांग कर रहे हैं.
    • Author, सलमान रावी
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, रायपुर
  • प्रकाशित

भिलाई इस्पात संयंत्र में नौकरी की मांग को लेकर लगभग 150 युवक मंगलवार की शाम से शहर के सेक्टर 9 स्थित पानी की टंकी पर चढ़े हुए हैं और अपनी मांगें मनवाने के लिए आत्महत्या करने की धमकी दे रहे हैं.

ताज़ा ख़बरों के अनुसार इनमें से तीन युवक बेहोश हो गए हैं.

इन सभी युवकों नें भिलाई इस्पात संयंत्र से 'ट्रेड अप्रेंटिस' का कोर्स किया हुआ है. हालाकि इस्पात संयंत्र के प्रबंधन नें आश्वासन दिया है कि वह इन युवकों की मांगों पर विचार कर रहे हैं मगर युवक अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं.

आन्दोलन कर रहे युवकों का नेतृत्व कर रहे संतोष का कहना है कि 70 के दशक से ही इस्पात संयंत्र आईटीआई से पास हुए युवक युवतियों को 'ट्रेड अप्रेंटिस' का कोर्स करवाकर उन्हें कारखाने में नौकरी दिया करता था.

उनका कहना है कि पिछले छह सालों से प्रबंधन ने इस व्यवस्था को अचानक बंद कर दिया जिसके फलस्वरूप 'ट्रेड अप्रेंटिस' की ट्रेनिंग करने वाले युवक बेरोजगार बैठे हुए हैं.

संतोष कहते हैं, ‘‘बेरोज़गारी से तंग आकर 'ट्रेड अप्रेंटिस' के ट्रेनिंग कर चुके कई युवकों नें आत्महत्या कर ली है. एक ने तो रविवार को आत्महत्या का प्रयास किया. उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. इस्पात संयंत्र का प्रबंधन ग़ैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाए हुए है."

वैसे बुधवार की सुबह भिलाई इस्पात संयंत्र के प्रबंध निदेशक वीसी अरोरा ने युवकों की मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया है मगर युवक लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े हुए हैं.

संतोष कहते हैं: "जब तक कोई लिखित आश्वासन नहीं आता तबतक टंकी से उतरने का सवाल नहीं पैदा होता."

जांच के आदेश

छत्तीसगढ़ की सरकार ने भिलाई के सेक्टर 4 निवासी सुनील साहू के परिवार द्वारा सामूहिक रूप से ज़हर खाने के मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं.

पिछले 16 सालों से यह परिवार घर के बड़े लड़के के लिए अनुकंपा के आधार पर नौकरी के लिए दर दर भटकता रहा. घर के मुखिया एमएल साहू, जो भिलाई इस्पात संयंत्र में उपमहाप्रबंधक के रूप में कार्यरत थे. उनकी रहस्मय परिस्थितियों में मौत हो गयी थी. इस्पात प्रबंधन उनकी मौत को आत्महत्या कहता रहा जबकि परिवार का कहना है कि एमएल साहू की हत्या की गई थी.

लोगों में आत्महत्या को लेकर बड़ी नाराज़गी है.
इमेज कैप्शन, लोगों में आत्महत्या को लेकर बड़ी नाराज़गी है.

प्रबंधन का कहना है कि भिलाई इस्पात संयंत्र में अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का प्रावधान नहीं है इस लिए सुनील को नौकरी नहीं दी जा सकती. कंपनी के प्रवक्ता एसपीएस जग्गी का कहना है कि सुनील और उसके परिवार को मनाने की काफी कोशिश की गयी. इसके बावजूद परिवार नें इस तरह का क़दम उठाया जो दुर्भाग्यपूर्ण है.

पिछली 7 अप्रैल से इस परिवार नें अपने आप को अपने घर में तब बंद कर लिया था जब भिलाई इस्पात प्रबंधन की ओर से उनके घर की बिजली और पानी की आपूर्ति काट दी गयी और उन्हें घर खाली करने का नोटिस दिया गया. परिवार नें पेट्रोल डाल कर आग लगा लेने की धमकी देते हुए भिलाई प्रबंधन से अनुकंपा के आधार पर नौकरी और मुआवज़े की मांग रखी.

मंगलवार को परिवार के सभी पांच सदस्यों नें ज़हर खा लिया जिसमे से माँ और तीन बेटियों की मौत हो गयी जबकि घरका एक मात्र पुरुष सदस्य सुनील अभी भी अस्पताल में है.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह नें घटना पर दुःख प्रकट करते हुए मामले की जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने दुर्ग जिले के कलक्टर से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है. जिला प्रशासन के मुख्यमंत्री के आदेश के बाद अपर जिला दंडाधिकारी से जान कराये जाने की बात कही है.

रमन सिंह नें केंन्द्रीय इस्पात मंत्री को भी इस मामले में एक चिट्ठी लिखी है.