अयोध्या में किन्नर भी है चुनावी मैदान में

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- Author, रामदत्त त्रिपाठी
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, अयोध्या से
- प्रकाशित
एक किन्नर ने भगवान राम की नगरी अयोध्या से विधान सभा चुनाव में कूदकर सरयू के शांत और ठंडे जल में हलचल पैदा कर दी है.
देश भर के किन्नर अपने प्रत्याशी गुलशन बिंदु का प्रचार करने के लिए अयोध्या – फैज़ाबाद का रुख कर रहें हैं.
मूल रूप से बधुबनी बिहार की रहने वाली गुलशन बिंदु भारतीय जनता पार्टी के मंजे खिलाड़ी लल्लू सिंह को चुनौती दे रही हैं , जो वर्ष 1991 की राम लहर के बाद से लगातार चुनाव जीतते रहें हैं.
मुख्य मुकाबले में समाजवादी जनता पार्टी के तेज नारायण पाण्डेय हैं.
तेज नारायण पाण्डेय की शादी इसी चुनाव के दरम्यान होने से चुनाव आयोग की गहन निगरानी में रही.
अन्य उम्मीदवारों में बहुजन समाज पार्टी के वेद प्रकाश गुप्त और कांग्रेस के राजेन्द्र प्रताप सिंह शामिल हैं.
चुनाव प्रचार
बाक़ी उम्मीदवार तो शायद पुलिस और चुनाव आयोग से भयभीत हैं, इसलिए उनका प्रचार दिखाई नहीं दिया. लेकिन किन्नर गुलशन ने नामांकन के दूसरे दिन ही एक बड़ा जुसुल निकालकर सबका ध्यान आकर्षित किया.
इस जुलुस में बिग बॉस की प्रतिभागी किन्नर लक्ष्मी त्रिपाठी, मध्य प्रदेश की पूर्व विधायक शबनम मौसी और गोरखपुर की पूर्व मेयर आशा देवी शामिल थीं.
गुलशन बिंदु से मिलने मै फैजाबाद में नवाबी युग की मशहूर धरोहर इमारत गुलाब बाड़ी के पास उनके घर की तरफ गया , तो पता चला कि वह अपनी टोली के साथ सुबह सुबह ही प्रचार के लिए निकल गई हैं.
बिना पार्टी मशीनरी तीन लाख से अधिक मतदाताओं तक पहुंचना आसान काम भी नहीं है.
मालूम हुआ गुलशन फैजाबाद रेलवे स्टेशन के पास सिंधियों के मोहल्ले राम नगर में जनसंपर्क कर रही हैं.
वहाँ पहुंचा तो देखा मोहल्ले की भीड़ गुलशन और उनके प्रचार के लिए बंबई से आई एक खूबसूरत किन्नर के साथ चल रही हैं.
गुलशन एक एक घर में घुसकर वोट और आशीर्वाद मांग रही थी.
गुलशन का कहना है कि उसने मेयर आशा देवी और विधायक शबनम मौसी के साथ काम करके राजनीतिक अनुभव हासिल किया है.
'न जाति न धर्म'
वह कहती हैं, "मेरी कोई जाति नहीं, धर्म नहीं .इसलिए मेरे लिए मुख्य मुद्दा है भ्रष्टाचार मिटाना और विकास."

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गुलशन का कहना है, “न तो हमारी औलाद है, न बाल-बच्चे हैं. हम किसके लिए झूठ बोलेंगे. हमें कौन काला धन जमा करना है विदेश में. कौन बच्चों को विदेश में पढ़ाना है. जनता के लिए खड़ी हूँ. जनता ही हमारा जीवन है. जनता ही मेरा भविष्य है. जनता ही मेरा सब कुछ है.”
गुलशन लोगों को यह किवदंती याद दिलाना नही भूलतीं कि जब भगवान रामचंद्र जी वनवास जा रहें थे, तो उन्होंने नर- नारी सबको अयोध्या वापस जाने को कहा. मगर किन्नर न नर थे न नारी. इसलिए चौदह साल वहीं तप करते रहे.
वे कहती हैं कि लौटकर भगवान राम खुश हुए और आशीर्वाद दिया कि जाओ कलयुग में तुम्हारा राज होगा.
गुलशन का कहना है, “ वह घड़ी अब आ गई है.”
गुलशन के चुनाव प्रभारी राम इकबाल राय कहते हैं कि वह दो बार हज कर आई हैं, इसलिए हाजी भी कहलाती हैं.
उनकी समाज सेवा का उदाहरण देते हुए राम इकबाल राय कहते हैं कि वह अनाथ लोगों के लिए यतीमखाना चलाती हैं और करीब ढाई सौ गरीब लड़कियों की शादी करवाई है.
न केवल अयोध्या – फैज़ाबाद बल्कि आसपास भी इस किन्नर प्रत्याशी की चर्चा है, ख़ासकर महिलाओं में. लेकिन अभी लोग उन्हें कोई गंभीर या अयोध्या सीट का मुख्य दावेदार नहीं मानते.

























