गुवाहाटी: मुख्यमंत्री ने पुलिस को 48 घंटों का समय दिया

लड़की के छेड़छाड़
इमेज कैप्शन, राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस घटना की जांच के लिए अपनी एक टीम भेजने का फैसला किया है.
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ये स्वीकार करते हुए कि गुवाहाटी में एक लड़की के साथ हुई बदसलूकी के मामले में पुलिस की ओर से कमी रही है, असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने सारे अभियुक्तों को पकड़ने के लिए पुलिस को 48 घंटों का समय दिया है.

मुख्यमंत्री ने ये समय सीमा शुक्रवार की रात तय की.

इस घटना के वीडियो के आधार पर पुलिस ने 12 लोगों की पहचान की है. इसी पहचान के आधार पर पुलिस ने अब तक चार लोगों को गिरफ़्तार किया है जबकि आठ लोग अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं.

इसके अलावा उन्होंने एक सदस्यीय जाँच आयोग गठित किया है जिसकी जिम्मेदारी अतिरिक्त मुख्य सचिव एमिली चौधरी को सौंपी गई है. ये आयोग 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगा.

उल्लेखनीय है कि सोमवार की रात गुवाहाटी-शिलोंग रोड़ पर एक बार के सामने एक लड़की के साथ कुछ लोगों ने बदसलूकी की थी और उसके कपड़े फाड़ दिए थे.

इस घटना को एक स्थानीय टीवी चैनल ने कैमरे में उतार लिया था.

लेकिन इस पर हंगामा तब शुरु हुआ जब इस वीडियो को यूट्यूब पर डाल दिया गया.

इसके बाद से इस घटना की चौतरफ़ा निंदा हुई है और राज्य पुलिस पर कार्रवाई न करने के आरोप लगे हैं.

न्याय की गुहार

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार असम के समाज कल्याण मंत्री एकन बोरा ने कहा, "वह लड़की इस घटना और मीडिया की ओर की जा रही चर्चा से बहुत सहमी हुई है और समाज कल्याण मंत्री होने के नाते ये मेरी ज़िम्मेदारी है कि मैं उसकी सहायता करूँ. मैंने उसे आश्वासन दिया है कि सरकार उसकी सुरक्षा के पूरे इंतज़ाम करेगी."

इस बीच उस लड़की ने पुलिस को धन्यवाद दिया है.

उसने कहा, "मैं शर्मिंदा की गई. मेरा जीवन बर्बाद हो गया. मैं दुआ करती हूँ कि ऐसी घटना कभी किसी के साथ न हो. अब मैं न्याय चाहती हूँ."

एक टीवी चैनल ने उसने कहा कि उसके ज़हन में आत्महत्या के भी विचार आए थे लेकिन उसकी बहन और परिवार उसके साथ आ खड़ा हुआ.

इस बीच एक स्वयंसेवी संगठन और पुलिस ने शहर के कई हिस्सों में सभी अभियुक्तों की तस्वीरें होर्डिंग बनाकर टांग दी गई हैं.

उधर असम गण परिषद की महिला शाखा ने इस घटना के विरोध में प्रदर्शन भी किया है.