जस्टिस एचएल दत्तू बने मुख्य न्यायाधीश

राष्ट्रपति ने उन्हें शपथ दिलाई.
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भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने रविवार सुबह जस्टिस एचएल दत्तू को सुप्रीम कोर्ट के 42वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई.

जस्टिस दत्तू, जस्टिस आरएम लोढ़ा का स्थान लेंगे जिनका कार्यकाल 27 सितंबर को ख़त्म हुआ था.

उनका कार्यकाल क़रीब 14 महीने का होगा. वह दो दिसंबर 2015 में सेवानिवृत्त होंगे.

हंडियाला लक्ष्मीनारायणस्वामी दत्तू का जन्म तीन दिसंबर 1950 को कर्नाटक के बेल्लारी में हुआ था.

बतौर वकील उन्होंने 1975 में प्रैक्टिस शुरु की. साल 1983 से 1990 तक वो कर्नाटक हाई कोर्ट में सरकार की ओर से कई मामलों में पेश हुए जिसके बाद वे सरकारी वकील और फिर साल 1995 में कर्नाटक हाई कोर्ट में जज नियुक्त हुए.

'कोलेजिम व्यवस्था'

जस्टिस एचएल दत्तू

जस्टिस एचएल दत्तू छत्तीसगढ़ और केरल हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं और साल 2008 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया.

जस्टिस दत्तू ने ऐसे समय में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की कुर्सी संभाली है जब न्यायाधीशों की नियुक्ति की कोलेजियम व्यवस्था को ख़त्म करने वाला न्यायिक नियुक्ति विधेयक संसद के दोनों सदनों में पारित हो चुका है.

विधेयक के तहत एक छह सदस्यीय आयोग न्यायाधीशों की नियुक्ति करेगा, जिसके मुखिया सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस होंगे.

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