कैसा रहा ओबामा का कार्यकाल ?
- Author, ब्रजेश उपाध्याय
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, वाशिंगटन
- प्रकाशित
आठ साल पहले अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा बदलाव और उम्मीद का संदेश लेकर आए थे.
आठ साल के बाद अब हवा बदल चुकी है.
अमरीका पहले से कहीं ज़्यादा बंटा हुआ नज़र आ रहा है, आपसी दरारें और गहरी हो गई हैं.
ओबामा के भाषण में बातें तो उम्मीद की थीं, एक बेहतर भविष्य की थी लेकिन काफ़ी हद तक आनेवाले दिनों के लिए एक चिंता की झलक भी थी.

इमेज स्रोत, Getty Images
शायद इसलिए किसी का नाम लिए बगैर, किसी पर उंगली उठाए बगैर ओबामा ने जनता से अमरीकी लोकतंत्र के मूल्यों की रक्षा के लिए सजग रहने की अपील की.
यह काफी भावुक मौका था. न सिर्फ राष्ट्रपति ओबामा के लिए बल्कि उस अमरीकी जनता के लिए भी जिसने उनके आशा और बदलाव के संदेश को गले लगाया था.
ओबामा कई हफ्तों से इस विदाई भाषण की तैयारी कर रहे थे. इस भाषण के कर्इ् ड्राफ्ट तैयार किए और बदले गए हैं.
ओबामा ने यह भाषण अमरीकी राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास वाईट हाउस के अंदर देने की बजाय अपने गृह नगर शिकागो से देने का निर्णय लिया है.
जबकि आमतौर पर यह प्रथा रही है कि राष्ट्रपति वाईट हाउस से अपना विदाई भाषण देते हैं. शिकागो को चुनने के पीछे जो अहम वजह हो सकती है वह यह है कि ओबमा का राजनीतिक कैरियर यहीं से शुरू हुआ था.
ओबामा ने इसमें बेहतर भविष्य की ओर इशारा भी किया है .एक पैगाम वो जो शायद देना चाहते है कि वो विविधता और इंसाफ से जुड़ा है.
उनका मानना है कि यही दोनों बातें अमरीका को आगे ले जाएंगी. बहुत लोगों का कहना है कि उनका यह भाषण एक तरह से डोनल्ड ट्रंप के लिए संदेश भी है.
ट्रंप ने अपने चुनावी अभियान में देश को काफी हद ध्रुवीकृत किया था.

इमेज स्रोत, Getty Images
मुझे याद कि आठ वर्ष पहले अपनी जीत के बाद जब ओबामा ने शिकागो में अपना भाषण दिया था तो काफी लोग भावुक हो गए थे. खासकर अफ्रीकी अमरीकी लोगों की आंखों में आंसू आ गए थे.
आज शिकागो कंपकंपाती ठंड में भी लगभग बीस हज़ार लोग उनका भाषण सुनने के लिए आए थे .जाहिर है ये उनके लिए काफी भावुक क्षण होगा है.
राष्ट्रपति के बतौर उनकी उपलब्धियों की बात करें तो हमें याद रखना होगा कि वह आठ वर्ष के अपने कार्यकाल में एक बेहद लोकप्रिय राष्ट्रपति रहे हैं.
उनकी रेटिंग आसमान छू रही है. वह जॉर्ज डब्लू बुश से कहीं आगे हैं.

इमेज स्रोत, Getty Images
बिल क्लिंटन जो कि एक काफी लोकप्रिय राष्ट्रपति रहे हैं, ओबामा लोकप्रियता में उनसे भी आगे हैं.
अमरीका के इतिहास में उन्हें हमेशा पहले 'काले' या अफ्रीकी अमरीकी राष्ट्रपति के तौर पर याद किया जाएगा.
दूसरे उनको ओबामा केयर के लिए याद किया जाएगा. अमरीका के लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं के दायरे में लाने के लिए याद रखा जाएगा.
कई जानकारों के अनुसार ओबामा के चार—चार वर्षों के दोनों सत्रों में इन्ही दोनों बातों का प्रभाव रहा है. 2016 के चुनाव में भी इन बातों की छाप नज़र आई.
वर्ष 2008 की आर्थिक मंदी से वह अमरीकी अर्थव्यवस्था को बाहर निकाल कर लाए.
ईरान से हुआ परमाणु समझौता भी उनकी एक बड़ी उपलब्धि में शुमार होगा.
क्यूबा के साथ रिश्ते बहाल करना और पेरिस पर्यावरण सम्मेलन के दौरान भारत और चीन को जल वायु समझौते के लिए तैयार करना भी एक अहम उपलब्धि मानी जाएंगी.

इमेज स्रोत, AP
इसके साथ ही उनकी विदेश नीति की काफी आलोचना हुई है.
खास तौर पर सीरिया में बशर अल असद के खिलाफ कार्रवार्इ् न करने को उनकी बड़ी कमजोरी के तौर पर देखा गया.
ओबामा के आलोचकों के अनुसार सारी दुनिया में उनके नेतृत्व में अमरीका के दबदबे में कमी आयी थी.
एक खालीपन उभरा खासतौर पर मध्य पूर्व में, जहां रुस और ईरान का दबदबा बढ़ा.
ओबामा ने अपने इन आलोचकों को यह कहकर जवाब दिया था कि अमरीका को दुनिया का पुलिसमैन बनने की जरूरत नहीं है.
























