कोरोना वायरस अमरीका पर पर्ल हार्बर से भी ख़तरनाक हमला: ट्रंप

इमेज स्रोत, Getty Images
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना वायरस को अमरीका पर हुआ 'अब तक सबसे बुरा हमला' बताया है. उन्होंने इसके लिए चीन पर भी उगली उठाई है.
ट्रंप ने कहा कि इस महामारी ने दूसरे विश्व युद्ध के वक़्त जपान के पर्ल हार्बर पर किए हमले या फिर दो दशक पहले हुए 9/11 के हमले से ज़्यादा अमरीका को प्रभावित किया है.
ट्रंप प्रशासन लगातार चीन को वायरस के फैलाव के लिए ज़िम्मेदार ठहराते हुए उसके ख़िलाफ़ कठोर कार्रवाई की भी बात कर रहा है.
इस पर चीन का कहना है कि अमरीका महामारी से निपटने की अपनी असफलता से लोगों को ध्यान भटकाना चाहता है. चीन के वुहान में कोरोना संक्रमण के पहले मामले के बाद से अब तक अमरीका में 12 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं और करीब 73,000 लोग मारे जा चुके हैं.
ट्रंप ने क्या कहा?
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "हमारे देश पर होने वाला यह अब तक का सबसे बुरा हमला है. यह पर्ल हार्बर और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले से ज़्यादा बुरा है. हमारे ऊपर कभी भी ऐसा हमला नहीं हुआ था."
उन्होंने आगे कहा, "यह कभी नहीं होना चाहिए था. इसे अपने शुरू होने की जगह पर ही रूक जाना चाहिए था. इसे चीन में ही रूक जाना चाहिए था. लेकिन यह नहीं हुआ."

इमेज स्रोत, AFP
एक पत्रकार ने जब पूछा कि क्या आप इसे वाक़ई में युद्ध में हुए हमले की तरह देखते है, तो ट्रंप का जवाब था, अमरीका के लिए अभी कोरोना वायरस की महामारी सबसे बड़ा दुश्मन है.
उन्होंने कहा, "मैं अदृश्य दुश्मन को किसी युद्ध की तरह देखता हूँ. मैं नहीं जानता कि यहाँ यह कैसे पहुँचा क्योंकि यह जहाँ शुरू हुआ, वहीं इसे रोका जा सकता था. लेकिन ऐसा नहीं हुआ."
ट्रंप के साथ-साथ उनके विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो भी चीन को कोरोना को लेकर जानकारी छिपाने का आरोप लगा रहे हैं.
इस बात की अनिश्चितता को मानने के बावजूद कि कोरोना के संक्रमण की शुरुआत कैसे हुई इसके माइक लगातार कह रहे हैं कि यह वायरस चीन के लैब में तैयार हुआ है.
उन्होंने बीबीसी से बातचीत में कहा, "दोनों ही बातें सही हैं. हम इसे लेकर निश्चित नहीं है लेकिन इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि यह चीन के लैब में तैयार हुआ है."
चीन के सरकारी मीडिया ने माइक पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है.
अमरीका के स्वास्थ्य विशेषज्ञ हालांकि ट्रंप प्रशासन की बात से इत्तेफाक नहीं रखते और उनका मानना है कि अब तक सबूत यह बताते हैं कि यह लैब में नहीं तैयार हुआ है.
ट्रंप के कोरोना वायरस टास्क फोर्स के सदस्य डॉक्टर एंथोनी फाउची ने एक इंटरव्यू में कहा है कि यह बीमारी प्राकृतिक रूप से अस्तित्व में आई है.

इमेज स्रोत, AFP
अमरीका क्यों चीन पर इल्ज़ाम लगा रहा है?
आने वाले चुनाव में अमरीकी राष्ट्रपति को लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था की वजह से कड़ी टक्कर मिलने वाली है. लेकिन अब अर्थव्यवस्था का मुद्दा कोरोना की वजह से ठंडे बस्ते में चला गया है.
एक ओपिनियन पोल में यह बात सामने आई है कि अमरीका की इस वक़्त दो-तिहाई आबादी चीन को लेकर नाराज़ है लेकिन इतने ही लोग यह भी मानते हैं कि ट्रंप ने महामारी से निपटने के लिए क़दम उठाने में देरी की है.
ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी के उनके होने वाले संभावित प्रतिद्वंदी जो बाइडन दोनों ही चीन की इस अलोकप्रियता को चुनाव में भुनाने में लगे हुए हैं.
जहाँ ट्रंप अपने प्रतिद्वंदी को 'बीजिंग बाइडन' बोलकर उन्हें चीन का समर्थक ठहराने में लगे हुए हैं तो वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी अपने अभियान में इस बात की ओर ध्यान दिला रही है कि ट्रंप ने संक्रमण के शुरुआती दौर में चीन और उसके राष्ट्रपति की दर्जनों बार तारीफ़ की है.

- कोरोना वायरस के क्या हैं लक्षण और कैसे कर सकते हैं बचाव
- कोरोना महामारीः क्या है रोगियों में दिख रहे रैशेज़ का रहस्य
- कोरोना वायरसः वो छह वैक्सीन जो दुनिया को कोविड-19 से बचा सकती हैं
- कोरोना वायरसः वो शहर जिसने दुनिया को क्वारंटीन का रास्ता दिखाया
- कोरोना वायरस से संक्रमण की जांच इतनी मुश्किल क्यों है?
- कोरोना वायरस महिलाओं और पुरुषों में भेद क्यों करता है



(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)


























