प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की बात क्यों नहीं सुन रहे हैं वहां के प्रांत - उर्दू प्रेस रिव्यू

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- Author, इक़बाल अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
- प्रकाशित
पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते कोरोना वायरस से जुड़ी ख़बरें सबसे ज़्यादा सुर्ख़ियों में रहीं.
कोरोना वायरस से अब तक दुनिया भर में 45 लाख से ज़्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और तीन लाख से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.
पाकिस्तान में अब तक 40 हज़ार से ज़्यादा लोग इस वायरस से बीमार हुए हैं और सैकड़ों की मौत हुई है. सबसे ज़्यादा 305 लोग ख़ैबर पख़्तूख़्वाह में अब तक मारे गए हैं. लेकिन संक्रमण के मामले में पंजाब सबसे आगे हैं जहां अब तक 14,201 कोरोना पॉज़िटिव पाए गए हैं.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा है कि लॉकडाउन से कोरोना ख़त्म नहीं होगा. अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार इमरान ख़ान ने कहा, "वायरस के साथ ही गुज़ारा करना होगा. लॉकडाउन से कोरोना ख़त्म नहीं होगा. राज्य की सरकारें पब्लिक ट्रांसपोर्ट खोल दें."
अख़बार के अनुसार एक टीवी न्यूज़ चैनल को इंटरव्यू देते हुए इमरान ख़ान ने कहा कि यूरोप और अमरीका में रोज़ 800 से ज़्यादा लोगों की मौत हो रही है फिर भी उन्होंने पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद नहीं की है, फिर हमने क्यों कर दी.
इमरान ने कहा कि कुछ राज्यों को आपत्ति थी इसलिए ट्रांसपोर्ट खोलने का फ़ैसला नहीं हो सका लेकिन वो सभी राज्यों से अपील करते हैं कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट खोल दिया जाए.

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सोमवार से लॉकडाउन में राहत?
अख़बार जंग के अनुसार पाकिस्तान में सोमवार से लॉकडाउन में काफ़ी ढील दी जाएगी.
पंजाब प्रांत में सोमवार से लॉकडाउन क़रीब-क़रीब ख़त्म हो जाएगा क्योंकि सरकार ने कुछ शर्तों के साथ पब्लिक ट्रांसपोर्ट और शॉपिंग मॉल खोलने की अनुमति दे दी है.
ख़ैबर पख़्तूख़्वाह प्रांत में भी सोमवार से सशर्त पब्लिक ट्रांसपोर्ट खोल दिया जाएगा. दोनों ही प्रांतों में फ़ेस मास्क लगाना अनिवार्य बना दिया गया है.
इसके अलावा कुछ शर्तों के साथ घरेलू उड़ानों को भी इजाज़त दे दी गई है.
लेकिन सिंध और बलूचिस्तान ने ऐसा करने से मना कर दिया है.
अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार सिंध के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ओवैस शाह ने कहा कि वो प्रधानमंत्री की अपील का सम्मान करते हैं लेकिन सिंध में पब्लिक ट्रांसपोर्ट खोलने की इजाज़त नहीं दी जा सकती क्योंकि रोज़ाना कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं.
उन्होंने उल्टा प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए कहा, "क्या पब्लिक ट्रांसपोर्ट खुलवा कर प्रधानमंत्री पाकिस्तान को वुहान और इटली बनाना चाहते हैं?"
लेकिन इमरान ख़ान के फ़ैसले का समर्थन करते हुए केंद्रीय योजना मंत्री असद उमर ने कहा कि अब दुनिया वही कर रही है जिसकी वकालत इमरान ख़ान करते आए हैं.
सदन में बोलते हुए असद उमर ने कहा, "तमाम दुनिया वहीं पहुंच रही है जो इमरान ख़ान का पक्ष था कि लॉकडाउन से बेरोज़गारी, भूख और आर्थिक बदहाली आएगी. दुनिया को वो नज़र आना शुरू हो गया, जो इमरान ख़ान देख रहे थे. अमरीका के 40 राज्यों ने लॉकडाउन खोलने का फ़ैसला कर लिया है."

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भारत में मुसलमानों का मुद्दा
अख़बार नवा-ए-वक़्त ने लिखा है कि हाल के दिनों में भारत में मुसलमानों पर हिंसक वारदातों में इज़ाफ़ा हुआ है.
अख़बार नवा-ए-वक़्त ने यूरोपियन पार्लियामेंट्री रिसर्च सर्विस की एक रिपोर्ट के हवाले से लिखा है कि भारत प्रशासित कश्मीर में पिछले कई महीनों से लोग क़ैद की ज़िंदगी गुज़ारने के लिए मजबूर हैं. रिपोर्ट के हवाले से ये भी कहा गया है कि विवादास्पद नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) आने के बाद से अल्पसंख्यकों और ख़ासकर मुसलमानों के ख़िलाफ़ हिंसा में इज़ाफ़ा हुआ है और इसी वजह से मुसलमानों में ख़ौफ़ पाया जाता है.
भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी और दो पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ और यूसुफ़ रज़ा गिलानी को अदालत में पेश होने के लिए कहा गया है.
अख़बार दुनिया के अनुसार इन तीनों को भ्रष्टाचार के मामले में नेशनल एकाउंटबिलिटी ब्यूरो (नैब) के जज मोहम्मद बशीर की अदालत में 29 मई को हाज़िर होना है. नवाज़ शरीफ़ और आसिफ़ अली ज़रदारी पर आरोप है कि उन्होंने यूसुफ़ रज़ा गिलानी से ग़ैर-क़ानूनी तौर पर गाड़ियां लीं और आसिफ़ ज़रदारी ने तो सिर्फ़ 15 फ़ीसदी इसकी अदायगी की और वो भी जाली बैंक अकाउंट के ज़रिए.
पाकिस्तान की एक सिख लड़की को दुनिया के सबसे प्रभावशाली 100 सिखों में शामिल किया गया है.
अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार ख़ैबर पख़्तूख़्वाह की रहने वाली 25 साल की मनमीत कौर को ब्रिटेन की एक संस्था के ज़रिए अंडर-30 दुनिया के 100 प्रभावशाली सिखों की फ़हरिस्त में शामिल किया गया है.
अख़बार के अनुसार मनमीत कौर पेशे से एक पत्रकार हैं और सिख बिरादरी से आने वाली पाकिस्तान की पहली महिला पत्रकार हैं. अख़बार के मुताबिक़ मनमीत कौर ने अपनी पत्रकारिता के ज़रिए पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों और महिलाओं की आवाज़ उठाई है.

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