यासिर अराफात की मौत प्राकृतिक कारणों से हुईः रिपोर्ट

रूस के फोरेंसिक वैज्ञानिकों की जांच टीम का कहना है कि फलस्तीनी नेता यासिर अराफात की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई.
साल 2004 में पेरिस में उनकी मौत के बाद उनके शव के अवशेषों की तीन बार जांच हुई. ये बात एक जांच निकल कर आई है.
पिछले महीने स्विट्जरलैंड के वैज्ञानिकों ने बताया था कि उन्होंने जांच के दौरान <link type="page"><caption> यासिर अराफात</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/07/120711_arafat_death_poison_jk.shtml" platform="highweb"/></link> के शव के अवशेषों में रेडियोधर्मी पोलोनियम-210 पाया था लेकिन इस बात के पुख्ता प्रमाण नहीं मिले थे कि इसी ने उनकी जान ली है.
फ्रांसीसी विशेषज्ञों ने भी अपनी जांच में पाया कि दिवगंत नेता यासिर अराफात की <link type="page"><caption> मौत जहर</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/07/120704_arafat_poision_js.shtml" platform="highweb"/></link> से नहीं हुई.
कब्र से निकाला गया शव
रामल्लाह के अपने परिसर में भोजन करने के बाद यासिर अराफात बीमार पड़ गए. उन्हें एक हफ्ते बाद फ्रांस के किसी अस्पताल में भर्ती किया गया जहां उनकी मौत हो गई.
उनमें खून से संबंधित गंभीर बीमारी पाई गई थी और 8 नवंबर 2004 को चार हफ्तों के बाद दिल का दौरा पड़ने के बाद उनकी मौत हुई.
यासिर अराफात के शव का कोई पोस्टमार्टम नहीं किया गया क्योंकि उनकी विधवा की ओर से इस तरह की कोई मांग नहीं की गई थी.
2012 में अल-ज़जीरा टीवी ने स्विट्जरलैंड विशेषज्ञों के साथ मिलकर एक पड़ताल शुरू की. इस पड़ताल में ये बात सामने आई कि उनकी इस्तेमाल की गई चीजों पर पोलोनियम- 210 का असामान्य स्तर उपस्थित है.
फिर यासिर अराफात की विधवा सुहा अराफात ने दिवगंत पति के <link type="page"><caption> शव को कब्र</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2012/11/121127_international_others_arafat_ia.shtml" platform="highweb"/></link> से निकाल कर उसकी गहन जांच की मांग की. इसके बाद फ्रांस ने हत्या से संबंधित औपचारिक जांच पड़ताल शुरू की.
ज़हर की संभावना से इंकार

पिछले महीने यासिर अराफात की नौवीं पुण्यतिथि के मौके पर लॉसेन में वोडूज यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल सेंटर (सीएचयूवी) ने रिपोर्ट जारी की और कहा कि मौत की वजह ज़हर से होने की कम संभावनाएं हैं.
मगर उसी दिन प्रारंभिक परीक्षणों से संबंधित एक रूसी रिपोर्ट लीक हो गई. उसमें ये कहा गया था कि रेडियोधर्मी पोलोनियम के इस्तेमाल की बात निराधार है.
रूसी फेडरल मेडिकल-बॉयलोजिकल एजेंसी (एफएमबीए) के प्रमुख व्लादीमिर ऊइबा ने कहा, "यासिर अराफात की मौत विकिरण के प्रभाव के कारण नहीं बल्कि प्राकृतिक कारणों से हुई है."
उन्होंने बताया कि जांच एजेंसी ने अपना काम पूरा कर लिया है और इसके नतीजे से ज्यादातर लोग सहमत हैं.
अनगिनत दुश्मन

इंटरफैक्स ने व्लादीमिर ऊइबा के हवाले से कहा, "स्विट्जरलैंड विशेषज्ञों की टीम ने भी अपना बयान वापस ले लिया है और हमारे निष्कर्ष से सहमति जताई है. बल्कि फ्रांसीसी सगंठन भी हमसे सहमत हैं."
मास्को के फलस्तीनी राजदूत फईद मुस्तफा ने कहा है कि यासिर अराफात की मौत की जांच का काम जारी रहेगा.
रूस की समाचार एजेंसी 'रिया नोवोस्ती' के हवाले से मुस्तफा का कहना था, "हम उनके कद और उपलब्धियों का आदर करते हैं, मगर हमने अपना काम जारी रखने का फैसला किया है."
कई फलस्तीनी अधिकारी इसरायल को यासिर अराफात की मौत का जि़म्मेदार मानते हैं जबकि इसरायल ऐसे किसी भी आरोप से इंकार करता आया है.
यासिर अराफात की विधवा ने बीबीसी को पिछले महीने बताया कि उनके पति के अनगिनत दुश्मन हैं मगर वे किसी पर आरोप लगाना नहीं चाहती और ना ही उन्हें किसी नतीजे पर पहुंचने की जल्दी है.
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