ग्रीस : विधेयक पास कराने की समयसीमा आज

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ग्रीस को वैट और पेंशन सुधार समेत चार नए कर प्रस्तावों को बुधवार तक संसद से पारित कराना है और इसके लिए प्रधानमंत्री अलेक्सिस सिप्रास मंगलवार को दिन भर प्रयास करते रहे.

बुधवार को ग्रीस की संसद में यूरोज़ोन के प्रस्ताव पर बहस होनी है और इसे पारित कराना सिप्रास के लिए बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है.

ग्रीस के प्रधानमंत्री यूरोज़ोन की ओर से दिए गए तीसरे राहत पैकेज को मंज़ूर कराने के लिए अपनी ही पार्टी के सांसदों को मनाने में लगे हैं. ग्रीस को पैकेज तभी मिलेगा अगर वो यूरोज़ोन की शर्तों को मानता है.

समझौते की शर्तें कड़ी

ऐसा माना जा रहा है कि उनकी पार्टी के ही कई सांसद इस प्रस्ताव से नाखुश हैं और वो इसके ख़िलाफ़ मतदान कर सकते हैं. इन सांसदों का कहना है कि यूरोज़ोन ग्रीस को ब्लैकमेल कर रहा है.

इस बीच एक इंटरव्यू में ग्रीस के प्रधानमंत्री ने कहा है कि वे यूरोज़ोन के पैकेज की शर्तों से सहमत नहीं है लेकिन वे इस मानने के लिए तैयार हैं.

उन्होंने कहा कि समझौते की शर्तें कड़ी हैं लेकिन साथ ही कहा कि यूरोज़ोन में बने रहने के लिए ग्रीस के पास यही रास्ता है.

सहयोगियों का विरोध

रक्षा मंत्री पानोस कामेनोस ने पहले ही कह दिया है कि वो समर्थन नहीं करेंगे. वे सिप्रास के गठबंधन सहयोगी है.

ग्रीस के वित्त मंत्रालय का कहना है कि संसद में इस बारे में कुछ क़ानून पेश किए जा चुके हैं और इन पर चर्चा की ज़रूरत है.

इन क़ानूनों में ग्रीस के उपभोक्ता करों में सुधार से संबंधित क़ानून भी शामिल है.

संकट बरकरार

यदि समझौता नाकाम होता है तो ग्रीस के बैंक दीवालिया हो सकते हैं और ग्रीस को यूरोज़ोन से बाहर जाना पड़ सकता है. ग्रीस के बैंक 29 जून से बंद पड़े हैं.

राहत पैकेज ग्रीस के सुधार लागू करने की शर्तों से बंधा है जिनमें टैक्स बढ़ाना और श्रम क़ानूनों में ढील देना शामिल हैं.

तीसरे राहत पैकेज के तहत यूरोज़ोन ग्रीस को अगले तीन साल में 61 अरब डॉलर का क़र्ज़ देगा.

ग्रीस में कई लोगों ने अपना गुस्सा ऑनलाइन ज़ाहिर किया है और #ThisIsACoup नाम से हैशटैग चला रहे हैं.

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