भारत के बाघ अब कंबोडिया में दहाड़ेंगे

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- Author, नवीन सिंह खड्का
- पदनाम, पर्यावरण संवाददाता, बीबीसी
- प्रकाशित
2022 तक दुनियाभर में बाघों की संख्या को दोगुना करने के लिए उन्हें पुनर्स्थापित किया जाएगा.
विशेषज्ञों ने बीबीसी को बताया कि जिन देशों में बाघ विलुप्त होने के कगार पर हैं वहां दूसरे इलाकों से बाघों को लाकर बसाया जाएगा.
उनके मुताबिक कुछ देशों में बाघों की संख्या उल्लेखनीय तौर पर बढ़ी है जबकि कुछ देशों में इनकी संख्या घटती जा रही है.

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इसका मतलब है कि कंबोडिया और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में भारत से बाघ मंगाए जा सकते हैं.
पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बीबीसी को बताया कि भारत इस मुहिम में दूसरे देशों के साथ पूरी तरह से सहयोग करेगा.

ग्लोबल टाइगर फोरम के अधिकारियों के मुताबिक कज़ाकिस्तान, रूस से अमूर बाघ मंगवाएगा. इसी हफ्ते दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में इस बाबत निर्णय लिया गया.
कहा जा रहा है कि 100 सालों में पहली बार दुनिया भर में बाघों की संख्या बढ़ी है. 2010 में बाघों की संख्या 3200 थी, जो इस साल बढ़कर करीब 3900 हो गई है.
बाघों की संख्या भारत, रूस, नेपाल और भूटान में बढ़ी है.
विशेषज्ञों के मुताबिक दक्षिण पूर्व एशिया में केवल इंडोनेशिया में बाघों की संख्या स्थिर है जबकि बाकी देशों में ये तेज़ी से घट रही है.

ग्लोबल लक्ष्य है कि 2022 तक ये संख्या 6 हज़ार तक पहुंच जाए.
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