'भारत-पाक सीमा के अंदर 5000 से ज़्यादा हमले'

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अमरीकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि साल 2015 में दुनियाभर में चरमंपथी हमलों में कमी आई है.

वैश्विक आतंकवाद पर अमरीकी विदेश मंत्रालय की सालाना रिपोर्ट में कहा गया है कि आतंकवाद से सबसे ज़्यादा प्रभावित पांच देशों में से तीन इराक़, पाकिस्तान और नाइजीरिया में 2014 से हमले 13 फ़ीसदी घटे हैं.

अन्य दो देशों भारत और पाकिस्तान की सीमाओं के अंदर पांच हज़ार से ज़्यादा हमले किए गए हैं.

उधर संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी थी कि खुद को इस्लामिक स्टेट (आईएस) कहने वाले चरमपंथी संगठन ने नागरिक ठिकानों को निशाना बना रहा है.

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक बीते छह महीनों में आईएस ने 11 देशों में हमले किए हैं, इनमें सीरिया, इराक़, यमन, अफ़ग़ानिस्तान और लीबिया में उसकी सक्रियता शामिल नहीं की गई.

मैरीलैंड विश्वविद्यालय के आंकड़ों के मुताबिक बीते साल दुनिया में 11,774 चरमपंथी हमलों में 28,300 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई, इसमें 14 फ़ीसदी गिरावट आई और 35,300 लोग घायल हुए.

हालांकि विदेश मंत्रालय के आतंकरोधी दस्ते के कार्यवाहक समन्वयक जस्टिन सिबेरएल ने बताया कि अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश, मिस्र, फिलीपींस, सीरिया और तुर्की में हमले में मौतों में बढ़ोतरी हुई.

चरमपंथी उन देशों में लोगों को निशाना बना रहे हैं जहां अभिव्यक्ति की आज़ादी ख़तरे में है.

इस्लामिक स्टेट

आईएस दुनिया में आतंक का सबसे बड़ा और अकेला ख़तरा बताया गया है जिसे मध्य-पूर्व, अफ़्रीका और एशिया में समर्थक मिले हैं.

रिपोर्ट कहती है कि आईएस के नियंत्रण का दायरा इराक़ और सीरिया में घटा है लेकिन लीबिया और मिस्र में इसकी शक्ति बढ़ी है.

रिपोर्ट के मुताबिक ईरान आंतकवाद को बढ़ावा देने वाला सबसे बड़ा देश है और इसने सीरिया और इराक़ संघर्ष को समर्थन दिया.

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