अनूठी शैली वाले संगीतकार ख़य्याम

ऑडियो कैप्शन, अनूठी शैली वाले संगीतकार ख़य्या
प्रकाशित

हिन्दी फ़िल्मों के संगीत इतिहास में ख़य्याम की एक निश्चित और अलग सी जगह बनती है, जिसमें उनकी तरह का संगीत रचने वाला कोई दूसरा फ़नकार नहीं हुआ.

कहने का मतलब यह है कि उनकी शैली पर न तो किसी पूर्ववर्ती संगीतकार की कोई छाया पड़ती नज़र आती है न ही उनके बाद आने वाले किसी संगीतकार के यहाँ ख़य्याम की शैली का अनुसरण ही दिखाई पड़ता है.अनूठी शैली वाले संगीतकार ख़य्याम

इस मायने में वे शायद सबसे अकेले और स्वतंत्र संगीतकार ठहरेंगे, जिनका न तो कोई पूर्वज है और न ही उनकी लीक पर चलने वाला कोई वंशज.

ख़य्याम हर लिहाज़ से एक स्वतंत्र, विचारवान और स्वयं को सम्बोधित ऐसे आत्म केन्द्रित संगीतकार रहे हैं, जिनकी शैली के अनूठेपन ने ही उनको सबसे अलग क़िस्म का कलाकार बनाया है.

सुनें, बीबीसी हिंदी की संग-संग गुनगुनाओगे सिरीज़ में यतींद्र मिश्र की पेशकश.