पूर्व राष्ट्रपति को आजीवन कारावास

ताइवान के पूर्व राष्ट्रपति चेन शुइ ब्यान को भ्रष्टाचार के मामले में आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई है.
ब्यान पर गबन, रिश्वतख़ोरी और काले धन का लेन-देन करने का आरोप लगाया गया था.
वर्ष 2000 से आठ साल तक राष्ट्रपति रहे ब्यान पर अपने कार्यकाल में डेढ़ करोड़ डॉलर की हेराफेरी का इल्ज़ाम था.
उन्होंने ने इन आरोपों को 'राजनीति से प्रेरित और बेबुनियाद' बताया था.
उनकी पत्नी वू शू-चेन को हलफ़ लेकर झूठ बोलने के आरोप में पहले ही जेल में हैं, उन्हें भी इस मामले में आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई है.
राजधानी ताइपे की अदालत ने ब्यान को छह आरोपों में दोषी पाया जबकि उनकी पत्नी को सात अभियोगों के लिए कसूरवार ठहराया गया. उन पर डेढ़ करोड़ डॉलर का जुर्माना भी लगाया गया है.
अदालत के प्रवक्ता ने कहा, "चेन शुइ ब्यान को आजीवन कारावास की सज़ा इसलिए हुई क्योंकि उन्होंने देश को बहुत नुक़सान पहुँचाया है, उनकी पत्नी को सज़ा इसलिए दी जा रही है क्योंकि उन्होंने देश की फर्स्ट लेडी होते हुए भ्रष्टाचार में उनका साथ दिया."
'झूठा आरोप'
दूसरी ओर, ब्यान के प्रवक्ता ने कहा कि यह सज़ा 'ग़ैर-क़ानूनी' है, उन्होंने कहा कि इस मुकदमे में सुनवाई के बीच ही जज का तबादला कर दिया गया.
ब्यान ने कहा है कि वे इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करेंगे.
ब्यान ने पहले भी कहा था कि सत्ताधारी कुओमिंतांग पार्टी ने उनके ख़िलाफ़ राजनीतिक प्रतिशोध की वजह से ये मुक़दमा खड़ा किया है.
ब्यान ने कहा है कि उन्होंने कुछ लोगों से पैसे ज़रूर लिए थे लेकिन वह राजनीतिक अभियान के चंदा था, रिश्वत नहीं.
जब अदालत ने फ़ैसला सुनाया तो ब्यान के ढेर सारे समर्थक अदालत के बाहर जमा थे और उन्होंने हाथों में तख़्तियाँ उठा रखी थीं जिन पर लिखा था कि वे निर्दोष हैं.
उनकी पत्नी को दो सितंबर को एक साल के कारावास की सज़ा सुनाई गई थी क्योंकि अदालत ने पाया था कि उन्होंने अपने बच्चों से सुनवाई के दौरान झूठ बोलने को कहा था.
इस मुकदमे में उनके कई रिश्तेदार और निकटवर्ती दोस्त शामिल थे, उनके दो सलाहकारों को भी 16 और 20 वर्ष कारावास की सज़ा हुई है.

























