चीनी टायर पर 35 प्रतिशत कर

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने देश में नौकरी के अवसर बचाए रखने की कोशिश में चीन से आयात होने वाले टायर पर 35 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने का फ़ैसला किया है.
अमरीका ने अतिरिक्त कर लगाने का यह फ़ैसला ऐसे समय किया है जब एक अहम ट्रेड यूनियन ने कहा है कि पिछले पाँच सालों में चीनी टायर के आयात में तीन गुना वृद्धि हुई है.
चीन ने ओबामा के इस फ़ैसले की आलोचना की है.
चीनी वाणिज्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता का कहना है कि नया शुल्क एक संरक्षणवादी रवैया है जो विश्व व्यापार संगठन के नियमों के ख़िलाफ़ है.
'ग़लत संकेत'
प्रवक्ता के अनुसार अमरीकी फ़ैसले से जी-20 सम्मेलन के पहले ग़लत संकेत गया है. जी-20 सम्मेलन इसी महीने के आख़िर में पिट्सबर्ग में आयोजित हो रहा है.
चीन और अमरीका दोनों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए एक साथ काम करने की क़समें ज़रूर खाई हैं लेकिन दोनों देशों के बीच व्यापार अब भी विवाद का विषय बना हुआ है.
हालाँकि चीन अपने आर्थिक विकास को ऊर्जा प्रदान करने के लिए अपना सारा ध्यान घेरलू माँगों पर दे रहा है, लेकिन उनके लिए निर्यात अब भी अहम है.
चीनी सामान अमरीकी सामान की तुलना में सस्ते होते हैं, पर अमरीकी निर्माता और ट्रेड यूनियनों की ओर से चीनी निर्यात को अक्सर शिकायतें सहनी पड़ती है, क्योंकि उनका कहना है कि बीजिंग ग़लत ढंग से अमरीका का प्रतिस्पर्धी बना हुआ है.

























