जी-20 सम्मेलन के ख़िलाफ़ प्रदर्शन, झड़पें

अमरीका के पिट्टसबर्ग शहर में विकसित और विकासशील देशों के जी-20 सम्मेलन के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे लोगों और पुलिस के बीच झड़पें हुई हैं.
जी-20 देशों के नेताओं के सम्मेलन में आर्थिक स्थिरता, वित्तीय नियंत्रण, जलवायु परिवर्तन और बैंकिग क्षेत्र पर चर्चा होनी है.
एक अमरीकी अधिकारी ने कहा है कि जी-20 इस सम्मेलन में विश्व अर्थव्यवस्था के स्थायी संयोजक के रूप में अपनी नई भूमिका अपनाएगा.
एक अमरीकी अधिकारी (जिनका नाम नहीं दिया गया) ने रॉयटर्स समाचार एजेंसी को जी-20 के अधिकारियों की बैठक के शुरु होने पर बताया, "जी-20 एक नई संस्था होगी जो अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग के लिए संयोजक के रूप काम करेगी."
मार्च करने के दौरान झड़पें
पुलिस ने सम्मेलन स्थल से एक किलोमीटर दूर एकत्र हुए लगभग एक हज़ार प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आँसू गैस का इस्तेमाल किया है. प्रदर्शनकारियों ने बैनर उठा रखे थे और पूँजीवाद के ख़िलाफ़ नारे लगा रहे थे.
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें तब शुरु हुईं जब सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने सम्मेलन स्थल की ओर मार्च करने की कोशिश की लेकिन उन्हें इसकी इजाज़त नहीं थी.
व्यापक प्रदर्शनों की संभावना पहले ही व्यक्त की जा चुकी है और प्रशासन ने हज़ारों अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया है. इससे पहले अप्रैल में लंदन में जी-20 सम्मेलन के दौरान भी झड़पें हुई थीं.
पिट्टसबर्ग में पहले ही सुरक्षा कारणों से जनजीवन कुछ हद तक प्रभावित हुआ है और कुछ स्कूलों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को बंद कर दिया गया है.
मंदी के साए में सम्मेलन
जैसे-जैसे विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाएँ मंदी के दौर से बाहर आ रही हैं वैसे-वैसे आने वाले दिनों में ध्यान इस ओर केंद्रित होगा कि कब और कैसे सरकारों के आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज को वापस लिया जाए.
अमरीका ने आहवान किया है कि चीन, ब्राज़ील, भारत जैसी अर्थव्यवस्थाएँ घरेलू उपभोग बढ़ाएँ ताकि अतिरिक्त निर्यात कम किया जा सके.
अमरीकी वित्त मंत्री टिमुथी गैट्नर ने कहा है कि जी-20 देशों के बीच बैंक अधिकारियों के वेतन और बोनस की हद कायम करने के प्रस्तावों बारे में सहमति बनी है.
उनका कहना था कि हर देश अपने मानक ख़ुद तय करेगा लेकिन इनका निरीक्षण जी-20 का वित्तीय स्थिरता बोर्ड करेगा जिसमें केंद्रीय बैंकर और निरीक्षक होंगे.
अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय के प्रवक्ता का कहना है कि वित्तीय नियंत्रण में सुधार सम्मेलन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इसी के साथ आर्थिक विसंगतियों पर ध्यान देना भी प्राथमिकता है.

























