डूब सकते हैं ऑस्ट्रेलिया के तटीय इलाके

समुद्र के बढ़ते हुए जलस्तर के कारण ऑस्ट्रेलिया के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को आने वाले समय में अपने घर छोड़ने पड़ सकते है.
ऑस्ट्रेलिया मे संसदीय समिति की एक रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में जल्दी कार्रवाई की ज़रुरत है क्योंकि संभावना जताई जा रही है कि समुद्र का स्तर 80 सेंटीमीटर (31 इंच) बढ़ सकता है.
करीब 80% ऑस्ट्रेलियाई लोग तटीय इलाकों में रहते हैं और रिपोर्ट में ये सुझाव दिया गया है की नए कानून बनाए जाएं जिससे तटीय इलाकों में नए निर्माण न हों.
बीबीसी संवादाताओं के अनुसार अधिकारियों की राय इस बात को लेकर बंटी हुई है कि क्या बढ़ते समुद्री जलस्तर के चलते पीछे हटा जाए या फिर तट को सुरक्षित करने के लिए कदम उठाए जाएं.
तटीय पहचान
इस रिपोर्ट में अधिकारियों पर जोर दिया गया है कि सरकार के पास इस तरह के विकल्प होने चाहिए कि समुद्र से खतरे के कारण लोग जहाँ रह रहे हैं, वहां उन्हें न रहने दिया जाए, या भविष्य में निर्माण न करने दिया जाए.
अनुमान लगाया जा रहा है की, भविष्य में बढ़ते समुद्री जलस्तर और अक्सर आने वाले तूफानों से 150 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (137 अमरीकी डॉलर) की संपत्ति को खतरा है.
रिपोर्ट में राष्ट्रीय तटीय योजना और अलग अलग विभागों के बीच बेहतर सहयोग सहित करीब 50 सुझाव दिए गए हैं.
रिपोर्ट में ये नहीं कहा गया है कि सरकार को ज़बरदस्ती लोगों को अन्दर के इलाकों में भेजना चाहिए बल्कि ये प्रस्ताव रखा गया है कि एक निर्दलीय गुट को इस बात पर सोच विचार करना चाहिए कि क्या सरकार ऐसा कर सकती है या फिर सरकार को ऐसा करना चाहिए या नही.
ऑस्ट्रेलिया के सारे मुख्य शहर तटीय इलाकों में है. इसके इलावा और 60 लाख लोग हैं जिनके घर इन बड़ी आबादी वाले इलाकों के बाहर हैं लेकिन वो भी तटीय इलाके ही हैं.
इस टास्क फॉर्स के कार्यकारी निदेशक एलन स्टोक्स ने कहा है कि अगर सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली क्षति से बचना है तो कुछ इलाकों में निर्माण कार्यों पर रोक लगाना ज़रूरी है.
उन्होंने कहा, "इस बात में कोई संदेह नहीं है कि ऑस्ट्रेलिया एक तटीय समुदाय है और रहेगा लेकिन हमें इस बात पर ज़्यादा गौर करना पड़ेगा कि हम कौन से तटीय इलाकों को विकसित करेंगे और किन्हें नहीं करेंगे."
पिछले हफ्ते सरकार ने कई ऐसे बिलों को पेश किया है जिनका उद्देश्य ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को 2020 तक 25% कम करना है. इस में कार्बन व्यापार से जुड़ा हुआ एक बिल भी शामिल है जिसे गत अगस्त ठुकरा दिया गया था लेकिन दोबारा पेश किया गया है.

























