जापान की आबादी में बड़ी गिरावट

जापान की जनसंख्या में दूसरे विश्व युद्ध के बाद अब तक की सबसे बड़ी गिरावट हुई है.
सरकारी आकलन के अनुसार वर्ष 2009 में मरने वालों की संख्या पैदा होने वाले बच्चों की संख्या से 75 हज़ार अधिक रही है. जबकि वर्ष 2009 में शादी करने वालों की संख्या में भी कमी आई है तो तलाक़ के मामलों में वृद्धि हुई है.
जापानी समाचार एजेंसी क्योडो के अनुसार स्वास्थ्य मंत्रालय का आकलन है कि वर्ष 2008 की तुलना में वर्ष 2009 में 22 हज़ार बच्चे कम पैदा हुए हैं. वर्ष 2009 में 10 लाख 69 हज़ार बच्चे पैदा हुए है.
वर्ष 2005 में सबसे कम 10 लाख 62 बच्चों ने जन्म लिया था.
अधिकारियों का कहना है कि आबादी में कमी का ये रुझान आगे भी जारी रह सकता है, क्योंकि देश में वृद्धों की संख्या काफ़ी है, ऐसे में मरने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी देखी जा सकती है.
बच्चे देने वाली महिलाएं कम
अधिकारियों के अनुसार उन महिलाओं की संख्या कम हो रही है जो बच्चे को जन्म देने की उम्र में हैं.
सर्वे के अनुसार पिछले नौ सालों से लगातार मरने वालों की संख्या में वृद्धि हो रही है और वर्ष 2009 में 2008 के मुक़ाबले दो हज़ार अधिक लोग मरे हैं और ये संख्या 11 लाख 44 हज़ार तक पहुँच गई है. सर्वेक्षण के अनुसार मरने वालों की ये संख्या 1947 से उपलब्ध तुलनात्मक आंकड़ों में सबसे अधिक है.
हालाँकि जापान में प्रजनन दर में 2008 तक पिछले तीन सालों से वृद्धि हो रही है और पिछले आंकड़े से संकेत मिलले हैं कि वर्ष 2009 में भी प्रजनन दर 2008 की ही तरह क़रीब 1.37 प्रतिशत रहेगी.
जापान में सरकार ने माता-पिता से नई सब्सिडियों का वादा किया है ताकि वे नौजवान जोड़ों को अधिक बच्चों के लिए प्रोत्साहित करें.

























