चोमस्की को रोका इसराइल ने

अमरीका के जाने माने बुद्धिजीवी नोआम चोमस्की को इसराइल ने वेस्ट बैंक (फ़लस्तीनी प्रशासन वाला क्षेत्र) में आने की अनुमति देने से इंकार कर दिया है.
प्रोफेसर चोमस्की दर्शन और भाषा में अपने कार्य के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं. उन्हें वेस्ट बैंक के बेर ज़िएत यूनिवर्सिटी में भाषण देना था.
82 वर्षीय चोमस्की जॉर्डन के रास्ते इसराइल में प्रवेश कर रहे थे लेकिन उन्हें रोक दिया गया.
इसराइली गृह मंत्रालय की प्रवक्ता का कहना था कि वो इस मसले को सुलझा रहे हैं और चोमस्की को जल्दी ही इसराइल आने की अनुमति मिल जाएगी.
प्रोफेसर चोमस्की ने कहा कि अधिकारियों ने बड़ी विनम्रता से उन्हें देश में प्रवेश करने की अनुमति देने से मना किया क्योंकि ''इसराइली सरकार को वो बातें पंसद नहीं है जो मैं कहता हूं और उन्हें ये बात भी पसंद नहीं आई कि मैं सिर्फ़ बेर ज़िएत में भाषण देने जा रहा हूं किसी इसराइली यूनिवर्सटी में.''
उनका कहना था, ‘‘मैंने उनसे पूछा कि क्या वो कोई ऐसी सरकार बता सकते हैं जिन्हें मेरी कही बातें पसंद आती हों. ’’
प्रोफेसर चोमस्की के कार्यक्रम का आयोजन फ़लस्तीनी मुस्तफ़ा अल बरगूती कर रहे थे. बरगूती ने रायटर्स संवाद समिति से कहा, ‘‘ यह एक फासीवादी फ़ैसला है जो अभिव्यक्ति की हमारी आज़ादी का हनन है.’’
प्रोफेसर चोमस्की हमशा से फ़लस्तीनी इलाक़ों में इसराइली कब्ज़े का विरोध करते रहे हैं.

























