जासूसों की अदला-बदली शुरु

अमरीका में गिरफ़्तार किए गए दस रूसी जासूसों को रूस वापस भेजने के साथ ही दोनों देशों के बीच जासूसों की अदला-बदली शुरु हो गई है.
इनमें से पाँच पुरुष और पाँच महिलाएँ हैं.
दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत इसके बदले में रूस चार व्यक्तियों को रिहा करेगा जिन्हें अमरीका के लिए जासूसी का दोषी पाया गया है और लंबी सज़ा सुनाई गई है.
इस अदला-बदली के लिए रूसी राष्ट्रपति दमित्रि मेदवेदेव ने उनकी सज़ा माफ़ कर दी है.
'रिश्ते बेहतर करने के लिए'
अमरीका में जासूसी के आरोप में गिरफ़्तार किए गए पाँच पुरुष और पाँच महिलाओं ने गुरुवार को न्यूयॉर्क की एक अदालत के सामने अपने दोष स्वीकार किया.
इसके बाद जज ने उन्हें तत्काल देश से बाहर भेजे जाने का आदेश दिया.
लेकिन उनके ख़िलाफ़ ज़्यादा गंभीर आरोप काले धन को सफ़ेद करने का था, जिसे सरकार ने वापस ले लिया.
जब अमरीका में न्यायिक प्रक्रिया चल रही थी, तभी रूस से जारी एक बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति मेदवेदेव ने चार ऐसे पुरुषों को माफ़ी देने का फ़ैसला किया है जिन्हें जासूसी का दोषी पाया गया था.
ऐसा इसलिए किया गया ताकि जासूसों की अदला-बदली हो सके.
रूसी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि इस अदला-बदली को इसलिए मंज़ूरी दी गई ताकि अमरीका-रूस के रिश्तों को बेहतर करते हुए इसमें नई तेज़ी लाई जा सके.
दस रूसी जासूस में से एक अन्ना चेपमैन की माँ ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी बेटी शुक्रवार को रूस में अपने घर पहुँच जाएगी.
रूस की ओर से रिहा किए जाने वाले चार लोगों में एक हैं परमाणु विशेषज्ञ इगोर सुत्यागिन जिन्हें कुछ ही समय पहले एक जेल से मॉस्को भेजा गया था.

























