ज़्यूस वायरस से करोड़ों की चोरी

अमरीकी संघीय जांच एजेंसी ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधी गैंग का पर्दाफ़ाश किया है जो अबतक सात करोड़ डॉलर से ज़्यादा की चोरी कर चुका था.
इस संदर्भ में कई लोग गिरफ़्तार किए गए हैं और अधिकारियों का कहना है कि इन लोगों ने एक कंप्यूटर वायरस की मदद से लोगों और छोटे व्यवसायियों से सात करोड़ डॉलर चुराए.
इसमें ऐसे लोगों को निशाना बनाया जा रहा था जिनके पास पैसा तो था लेकिन अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली नहीं थी.
एफ़बीआई का कहना है कि ये दल यूक्रेन में स्थित था और इसके सदस्यों ने अमरीका स्थित बैंक खातों से पैसे चुराए.
अमरीका में 92 लोगों पर इसमें शामिल होने का आरोप लगा है और साथ ही ब्रिटेन और यूक्रेन में भी कई लोग हिरासत में लिए गए हैं.
ये लोग अपने शिकार को एक ऐसा ईमेल भेजते थे जिससे उनके कंप्यूटर में एक वायरस प्रवेश कर जाता था.
ज़्यूस नामक इस सॉफ़्टवेयर के ज़रिए ये गैंग लोगों के बैंक खातों की जानकारी चुरा लेता था.
इन लोगों के खातों में से पैसा मध्यस्थों के ज़रिए गैंग के रिंगलीडर के एकाउंट में पहुंच जाता था.
गिरफ़्तार किए गए ज़्यादातर लोग मध्यस्थ की भूमिका में थे.
अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने एक गुट का पर्दाफ़ाश कर दिया है लेकिन कंप्यूटर हैकर अभी भी ज़्यूस वायरस का इस्तेमाल कर रहे हैं.

























