सार्कोज़ी के एजेंडे पर परमाणु सहयोग और व्यापार

फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सार्कोज़ी अपनी चार दिवसीय भारत यात्रा के लिए शनिवार की सुबह बंगलौर पहुंच गए हैं.
सार्कोज़ी की इस यात्रा का मकसद दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग, आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष और असैनिक परमाणु सहयोग जैसे मुद्दों के अलावा जी20 के ज़रिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में सुधार के एजेंडे पर बातचीत है.
सार्कोज़ी सात मंत्रियों समेत 60 लोगों के दल के साथ भारत आ रहे हैं.
फ्रांस की कुछ कंपनियां लड़ाकू विमानों की ख़रीद-फ़रोख्त के लिए भारत के साथ बातचीत कर रही हैं और अपनी यात्रा के दौरान सार्कोज़ी इन सौदों के लिए अनुकूल माहौल बनाने की कोशिश करेंगे.
वैश्विक साझेदारी
अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा के लगभग एक महीने बाद सार्कोज़ी भारत आ रहे हैं. इसके बाद चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ और रुस के राष्ट्रपति दिमित्रि मेदवदेव भी भारत आएंगे.
विकसित और विकासशील देशों के संगठन जी20 के प्रमुख के तौर पर अपना पद संभालने के बाद सार्कोज़ी पहली बार किसी जी20 सदस्य की यात्रा पर हैं.
सार्कोज़ी की आगामी भारत यात्रा से पहले फ्रांसीसी दूतावास ने कहा था कि फ्रांस के लिए भारत एक वैश्विक साझीदार है और कई क्षेत्रों में भारत विश्व शक्ति के रुप में उभर चुका है.
फ्रांसीसी दूतावास ने कहा है कि भारत वैश्विक शक्ति के तौर पर अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के सुधार में अहम भूमिका निभा सकता है.
सुरक्षा परिषद की स्थाई सीट के लिए भारत की दावेदारी के समर्थन पर दूतावास का कहना है कि फ्रांस पहला देश है जिसने भारत को परमाणु क्षेत्र में अलग-थलग करने का विरोध किया था.

बंगलौर में निकोलस सार्कोज़ी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान सगंठन (इसरो) जाएंगे जहाँ वो इसरो और फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसी सीएनइएस के संयुक्त रुप से विकसित किए गए सेटेलाइट का निरीक्षण करेंगे.
कार्यक्रम
इस यात्रा पर उनकी पत्नी कार्ला ब्रूनी भी साथ आ रही है. वो उनकी पहली भारत यात्रा में उनके साथ नहीं थी.
चार दिसंबर को वो अपनी निजी यात्रा पर आगरा जाएंगे और अगले दिन वो ताजमहल और फतेहपुरी सीकरी देखेगें और शाम को दिल्ली पहुँचेगें.
पाँच दिसंबर को भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उन्हें रात्रि भोज पर आमंत्रित किया है.
छह दिसंबर को निकोलस सार्कोज़ी भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत अन्य नेताओं से औपचारिक बातचीत करेंगे और मीडिया को संबोधित करेंगे.
सात दिसंबर को वो मुंबई हमलों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देगे और उद्योगपतियों को संबोधित करेंगे.

























