मिस्र में दूसरे दौर का मतदान

मिस्र में रविवार को संसदीय चुनाव के दूसरे दौर के लिए मतदान हुआ.
पिछले रविवार को हुए पहले दौर के मतदान में राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक की सत्ताधारी पार्टी एनडीपी ने लगभग सभी सीटें जीत ली थीं.
दोनों प्रमुख विपक्षी दलों ने व्यापक धांधली के आरोप लगाते हुए दूसरे दौर के मतदान में हिस्सा नहीं लिया.
दूसरे दौर का मतदान उन सीटों पर हुआ जहां सबसे आगे रहे दो उम्मीदवारों को 50 प्रतिशत से कम मत मिले.
उल्लेखनीय है कि इस दूसरे दौर में बहुत सी सीटें ऐसी हैं जिनपर एनडीपी के ही उम्मीदवारों के बीच ही मुक़ाबला है.
सत्ताधारी एनडीपी का कहना है कि उसने 222 सीटों में से 209 जीत ली थीं और कुल 287 सीटों में से वो लगभग सभी जीत लेगी.
मतदान केंद्र स्थानीय समय के अनुसार सुबह आठ बजे से शाम सात बजे तक खुले रहे.
इंटरनेट पर ऐसे वीडियो लगाए गए हैं जिनमें मतपेटियों में मतपत्र ठूंसे जाते और कई गिरोहों द्वारा मतपेटियों को नष्ट करते देखा जा सकता है.

जीत की शर्मिंदगी
मिस्र की राजधानी क़ाहिरा स्थित बीबीसी के संवाददाता जॉन लाइन का कहना है कि सवाल ये नहीं है चुनाव कौन जीतेगा बल्कि ये है कि चुनाव परिणाम की विश्वसनीयता क्या है.
उनका कहना है कि जितने भारी बहुमत से सत्ताधारी पार्टी की विजय होती दिखाई दे रही है वह पार्टी के लिए ख़ुशी की कम और शर्मिंदगी की बात ज़्यादा है.
क्योंकि उसे अपनी लोकतांत्रिक साख बनाए रखने के लिए किसी तरह के संसदीय विपक्ष की ज़रूरत तो थी ही.
पिछली संसद में विपक्ष के 88 सांसद थे.
मुसलिम ब्रदरहुड एक प्रतिबंधित इस्लामिक संगठन है जिसके उम्मीदवार स्वतंत्र उम्मीदवारों की हैसियत से चुनाव लड़ते हैं.
लेकिन पहले दौर में एक भी सीट न हासिल कर पाने के बाद संगठन ने दूसरे दौर में अपने उम्मीदवारों को खड़ा नहीं किया.
दूसरे विपक्षी दल वफ़्द पार्टी ने भी पहले दौर में केवल दो सीटें जीतने के बाद दूसरे दौर में न लड़ने का फ़ैसला किया.

























