बम हमलावर के मकान की तलाशी

तैमूर अब्दुलवहाब अल अब्दाली
इमेज कैप्शन, पुलिस लूटन शहर के उसके मकान की तलाशी कर रही है
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पुलिस लंदन के उत्तर में बसे लूटन शहर के उस मकान की तलाशी ले रही है जहां स्वीडन का संदिग्ध आत्मघाती बम हमलावर रहता था.

स्वीडन के प्रमुख अभियोक्ता ने बताया कि स्टॉकहोम में शनिवार को हुए दूसरे धमाके में मारे गए व्यक्ति की पहचान 98 प्रतिशत तक हो चुकी है.

वह 28 वर्षीय तैमूर अब्दुलवहाब अल अब्दाली बताया गया है.

अब्दाली के पास तीन बम थे और पहला धमाका उसकी कार में हुआ.

पुलिस ने कहा कि लूटन के मकान से किसी की गिरफ़्तारी नहीं हुई है और न ही वहां से कोई ख़तरनाक सामग्री मिली है.

ये स्पष्ट नहीं है कि अब्दाली की पत्नी और बच्चे कहां हैं.

बड़े धमाके का इरादा

स्वीडन के प्रमुख अभियोक्ता टॉमस लिंड्सट्रैंड ने एक समाचार सम्मेलन में कहा कि धमाके में जो शव मिला है उसकी डीएनए पहचान या परिवार वालों की तरफ़ से पहचान नहीं की गई है.

उन्होने कहा कि हमलावर शायद स्टॉकहोम के प्रमुख रेलवे स्टेशन पर या शहर के किसी बड़े स्टोर में धमाका करना चाहता था.

अब्दाली परिवार के लूटन स्थित मकान की तलाशी हो रही है
इमेज कैप्शन, अब्दाली परिवार के लूटन स्थित मकान की तलाशी हो रही है

“उसके पास तीन बम थे और मेरे विचार में वो अपने आपको नहीं उड़ाना चाहता था. सौभाग्य से ये धमाके विफल रहे”.

हालांकि दूसरे धमाके में दो लोग ज़ख़्मी ज़रूर हुए.

अब्दाली ने ‘मुस्लीमा’ नाम के डेटिंग वेबसाइट पर पंजीकरण करते हुए अपने आपको बेडफ़र्डशायर युनिवर्सिटी का फ़िज़िकल थेरेपी का ग्रैजुएट बताया था.

विकृत दृष्टिकोण

बेडफ़र्डशायर युनिवर्सिटी के एक प्रवक्ता ने कहा, “तैमूर अब्दुलवहाब नाम के एक छात्र ने, जो स्वीडन का नागरिक था, 2001 में पंजीकरण कराया था और 2004 में वो खेल थेरेपी में बीएससी पास करके निकला था.”

‘मुस्लीमा’ वेबसाइट पर उसके बारे में दी गई जानकारी के अनुसार अब्दाली बग़दाद में पैदा हुआ और 1992 में स्वीडन चला आया. उसके बाद 2001 में पढ़ाई करने के उद्देश्य से ब्रिटन आ गया.

अब्दाली के अनुसार उसने 2004 में शादी की और उसकी दो बेटियां हैं.

उसने वेबसाइट पर लिखा, “मैं दोबारा शादी करना चाहता हूं क्योंकि मैं एक बड़ा परिवार चाहता हूं. मेरी पत्नी इसके लिए राज़ी है”.

बीबीसी की निकी जैंकिंस कहती हैं कि जब अब्दाली लूटन के इस्लामिक सेंटर में था तो उसने वहां इस्लाम का विकृत दृष्टिकोण प्रस्तुत किया.

लेकिन जब दूसरे सदस्यों ने उसे चुनौती दी तो वो नाराज़ होकर बाहर चला गया और फिर कभी मस्जिद में नहीं दिखाई दिया.

लूटन के इस्लामिक सैंटर के अध्यक्ष अब्दुल क़दीर बक़्श ने कहा, “हमें उसकी बातों से उलझन बहुत हुई लेकिन हम उसे आतंकवादी की श्रेणी में नहीं रख पाए. हमें नहीं लगा कि उससे किसी को ख़तरा हो सकता है”.

"अब पीछे मुड़कर देखता हूं तो सोचता हूं कि मुझे उसके साथ कुछ और समय बिताना चाहिए था".

ईमेल धमकियां

शनिवार को स्थानीय समय के अनुसार कोई चार बजे स्टॉकहोम के एक व्यस्त बाज़ार में पहला धमाका हुआ और कोई 10-15 मिनट बाद दूसरा धमाका लगभग 300 मीटर दूर एक और सड़क पर हुआ.

स्वीडन की पुलिस इन धमाकों से कुछ ही देर पहले भेजे गए उन ईमेलों की जांच कर रही है जिसमें स्वीडन में हमलों की धमकी दी गई थी क्योंकि उसने अफ़ग़ानिस्तान में अपने सैनिक भेजे हैं.

अफ़ग़ानिस्तान में तैनात नेटो बल में स्वीडन के कुल 500 सैनिक तैनात हैं.

ये ईमेल स्वीडिश और अरबी भाषाओं में स्वीडन की सुरक्षा सेवा और टीटी समाचार एजेंसी को भेजे गए.

इनमें ‘मुजाहिद्दीन’ को स्वीडन और यूरोप के ख़िलाफ़ खड़े होने के लिए ललकारा गया था और स्वीडन के लोगों को धमकी दी गई थी कि “वो भी उसी तरह मारे जाएंगे जैसे हमारे बहन भाई मारे जा रहे हैं”.

इन ईमेलों में स्वीडन के कलाकार लार्स विल्क्स द्वारा हज़रत मोहम्मद के कार्टून बनाने का भी ज़िक्र था.