होस्नी मुबारक पर दुनियाभर से बढ़ रहा है दबाव

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मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक पर दुनियाभर से दबाव बढ़ रहा है. अमरीका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी जैसे कई देशों ने मुबारक से मिस्र में सुधार लागू करने और हिंसा से दूर रहने की अपील की है.
मिस्र में लाखों की संख्या में लोग मुबारक के सत्ता में बने रहने के खिलाफ़ सड़कों पर उतर आए हैं. प्रदर्शनकारी बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार और लगातार बढ़ते दामों को लेकर राष्ट्रपति होस्नी मुबारक़ के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं.
शुक्रवार को हुए प्रदर्शनों के बाद अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने लोकतंत्र के हक में मिस्र की जनता को अपना समर्थन देने की घोषणा की.
<link type="page"><caption> हम मिस्र की जनता के साथ: ओबामा</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2011/01/110128_egypt_usreax_pa.shtml" platform="highweb"/></link>
शनिवार को ओबामा ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के साथ एक बैठक की और मिस्र पर विचार विमर्श किया.
इसके बाद व्हाइट हाउस से वक्तव्य जारी कर मुबारक से अपील की गई है कि 'वो प्रदर्शनकारियों के साथ संयम बरतें, उनके मानवाधिकारों की रक्षा करें और राजनीतिक सुधारों के लिए जल्द क़दम उठाएं.'
इसी तरह की अपील ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस की ओर से भी की गई है.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरून, जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्कल और फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सारकोज़ी ने एक संयुक्त वक्तव्य जारी कर कहा, ''हम राष्ट्रपति मुबारक से अपील करते हैं कि किसी भी कीमत पर वो निहत्थे नागरिकों पर बल का प्रयोग न करें, ताकि प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार के सामने रख सकें.''
नए प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति
मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक ने सुधार की मांगों के बीच नई सरकार का गठन करते हुए देश में नए प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति को नियुक्त किया है.
देश में चल रहे ज़ोरदार विरोध प्रदर्शनों के मद्देनज़र उन्होंने कैबिनेट को बर्ख़ास्त कर दिया था.
<link type="page"><caption> इस्तीफ़ा नहीं दूंगा: होस्नी मुबारक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2011/01/110129_hosni_speech_pa.shtml" platform="highweb"/></link>
पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री अहमद शफ़ीक़ को देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है. देश के ख़ुफ़िया प्रमुख उमर सुलेमान को उप राष्ट्रपति नियुक्त किया गया है.
होस्नी मुबारक के 30 वर्षों के शासनकाल में ये पहला मौक़ा है, जब किसी को उप राष्ट्रपति नियुक्त किया गया है. उमर सुलेमान को राष्ट्रपति का क़रीबी माना जाता है.
आसान नहीं है राह
बीबीसी संवाददाता जॉन सिंप्सन के अनुसार जनरल सुलेमान की नियुक्ति से राष्ट्रपति मुबारक को सेना के साथ साथ पश्चिमी और अरब मित्र राष्ट्रों का समर्थन हासिल होगा क्योंकि मध्यपूर्व वार्ता में सुलेमान मध्यस्थ की भूमिका निभा चुके हैं.
सिंप्सन के अनुसार सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे लोग सरकार में किए गए इन बदलावों से संतुष्ट भी हो सकते हैं. हालांकि वे लोग राष्ट्रपति मुबारक को सत्ता से हटाने की अपनी मांग पर अब भी अड़े हुए हैं.
मिस्र के विपक्षी नेता मोहम्मद अल बारादेई ने कहा है कि मिस्र की जनता सिर्फ राष्ट्रपति मुबारक का इस्तीफा चाहती है.
<link type="page"><caption> प्रदर्शनों की तस्वीरें</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2011/01/110129_egypt_gallery_vv.shtml" platform="highweb"/></link>
उन्होंने कहा, ''हमारी मुख्य मांग यही है कि मुबारक ये घोषणा करें कि वो सत्ता छोड़ रहे हैं या फिर ये कि वो खुद को दोबारा राष्ट्रपति नियुक्त नहीं करेंगे.
मिस्र में जारी विरोध प्रदर्शनों और सरकार में किए गए बदलावों के बीच एक बात साफ होती जा रही है कि राष्ट्रपति होस्नी मुबारक और उनके फौजी नेताओं को अमरीका ने साफ संकेत दे दिए हैं कि मिस्र में चीन के थियानान मेन स्क्वायर जैसी घटना दोहराई नहीं जानी चाहिए, जहां अधिकारियों के आदेश पर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को गोली मार दी गई थी.
ऐसे में राष्ट्रपति मुबारक के पास एक ऐसी सरकार के गठन का विकल्प बचता है जिसे प्रदर्शनकारियों की स्वीकृति हासिल हो, लेकिन ऐसा करना भी आसान नहीं है.
विरोधी प्रदर्शन जारी
हालांकि होस्नी मुबारक ने ओमर सुलेमान को उप राष्ट्रपति नियुक्त कर मौजूदा संकट की समाधान की दिशा में एक पहल की है लेकिन उनकी नियुक्ति का भी विरोध शुरू हो गया है.
अगर नई सरकार मिस्र की सड़कों पर जारी विरोध प्रदर्शनों को रोकने में कामयाब नहीं होती है तो ऐसे में होस्नी मुबारक के लिए राष्ट्रपति के पद पर बने रहना आसान नहीं रह जाएगा.
यहां तक की मिस्र को बड़े पैमाने पर आर्थिक मदद देनेवाला अमरीका भी शायद ही मुबारक की कोई मदद कर पाएगा और ऐसे में एक बार होसनी मुबारक की जान बचाने वाले उमर सलमान भी शायद ही कुछ कर पाएंगे.
<link type="page"><caption> होस्नी ने दिए और सख़्ती के संकेत</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2011/01/110129_egypy_update_vv.shtml" platform="highweb"/></link>
होस्नी मुबारक की नई सरकार के गठन की शुरुआत के बीच सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं. राजधानी काहिरा में कर्फ्यू के बावजूद हजारों प्रदर्शनकारी अभी भी सड़कों पर मौजूद हैं और राष्ट्रपति मुबारक के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इस्लाइल ओथमन का दावा है कि जल्दी ही इन प्रदर्शनकारियों से निपट लिया जाएगा.
प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए काहिरा के महत्वपूर्ण इलाकों में सेना के जवान तैनात कर दिए गए हैं. सरकारी टेलिविज़न चैनल के दफ्तर को भी सुरक्षा प्रदान की गई है। पांच दिन से जारी विरोध प्रदर्शनों में अब तक 100 से ज्यादा लोग मारे गए हैं.

























