मुबारक की घोषणा पर दुनियाभर में संशय

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मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के पद पर बने रहने और अपने अधिकार उप-राष्ट्रपति को सौंपने की घोषणा पर विश्वभर के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया ज़ाहिर की है.
अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा, ''यह साफ़ नहीं है कि अधिकारों का हस्तांतरण तुरंत होगा या कुछ समय बाद, साथ ही यह भी देखना होगा कि यह कितना प्रभावी और संतोषजनक साबित होगा.''
उन्होंने कहा कि मिस्र की सरकार अब तक इस संकट का कोई विश्वसनीय, ठोस और लोकतांत्रिक हल सामने नहीं रख पाई है. सरकार के लिए ज़रूरी है कि वो विरोध के इन स्वरों को दबाने के लिए किसी भी रुप में निरंकुश न हो.
<link type="page"><caption> प्रदर्शन के प्रमुख केंद्र</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2011/02/110210_egypt_map_pp.shtml" platform="highweb"/></link>
अमरीका में रिपब्लिकन पार्टी के सांसद जॉन मैक्केन ने कहा है, ''राष्ट्रपति मुबारक की ओर से पद पर बने रहने और इस्तीफ़ा न देने की घोषणा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है.''
'लोकतंत्र की सलामती'
राष्ट्रपति होस्नी मुबारक ने कहा है कि वो किसी अंतरराष्ट्रीय दबाव में नहीं आएंगे और चुनाव तक अपने पद पर बने रहेंगे.
<link type="page"><caption> चुनाव तक पद नहीं छोड़ेंगे मुबारक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2011/02/110210_mubarak_new_bu.shtml" platform="highweb"/></link>
उनके इस बयान के फ़ौरन बाद काहिरा के तहरीर चौक पर प्रदर्शनकारियों ने उनके ख़िलाफ़ नारे लगाने शुरू कर दिए और जूते दिखाकर अपना विरोध प्रकट करने लगे.
इस बयान को लेकर फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सार्कोज़ी ने कहा है, ''मैं तहे दिल से मिस्र में उभरते लोकतंत्र की सलामती की दुआ करता हूं और उम्मीद करता हूं कि मिस्र में सही मायने में लोकतंत्र स्थापित होगा और यह देश ईरान की तरह धार्मिक कट्टरवाद और तानाशाही में नहीं बदल जाएगा.''
ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने कहा है कि मुबारक ने अपने भाषण में अपने अधिकार उप-राष्ट्रपति को सौंपने की घोषणा भी की है हालांकि अभी इस बारे में साफ तौर पर नहीं कहा जा सकता कि किस तरह के अधिकार सौंपे जाएंगे और उनका क्या प्रभाव होगा.
'स्थितियां विस्फोटक होंगी'

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उन्होंने कहा, ''ब्रिटेन सिर्फ इतना चाहता है कि मिस्र में पैदा हुए संकट और मतभेदों का हल, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से निकल जाए. हम शुरुआत से इसी बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि हस्तांरण की प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सरल हो.''
इस बीच इसराइल के रक्षा मंत्री एहुद बराक ने कहा है, ''मिस्र में जनांदोलन का नेतृत्व कर रहा मुस्लिम ब्रदरहुड अगर सत्ता में आता है तो यह क्षेत्र पूरी तरह से तबाही के रास्ते पर होगा.''
<link type="page"><caption> प्रदर्शन की तस्वीरें</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2011/02/110210_egypt_anger_gallery.shtml" platform="highweb"/></link>
उन्होंने यह भी कहा कि यह पूरी तरह मिस्र के लोगों पर निर्भर करता है कि वो अपने संविधान, तौर-तरीकों और परिस्थियों को देखते हुए अपने लिए रास्ता ढूंढें.
वहीं जर्मनी के विदेश मंत्री गायडो वेस्टरवैले ने इस फैसले को लेकर कहा कि यह किसी भी रुप में एक प्रगतिशील घोषणा नहीं है.
मिस्र के प्रमुख विपक्षी नेता अल बारादाई ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, ''मिस्र में अब स्थितियां विस्फोटक होंगी, सेना को इस देश को संभालना होगा.''

























