जापान के परमाणु संयंत्र से कर्मचारी हटाए गए

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जापान सरकार के एक प्रवक्ता का कहना है कि भूकंप और सुनामी से तबाह हुए फ़ुकुशिमा दायची परमाणु संयंत्र में विकिरण का स्तर अधिक होने के कारण कर्मचारियों को अपना काम बंद कर देना पड़ा है.

जापान के कैबिनेट सचिव यूकियो इदानो ने एक पत्रकारवार्ता में कहा कि फ़ुकुशिमा से कर्मचारियों को विकिरण का स्तर बढ़ जाने के कारण हटाना पड़ा.

माना जा रहा है कि फ़ुकुशिमा संयंत्र के चार रिएक्टरों को स्थिर करने के काम में लगभग 50 कर्मचारी लगे थे.

हालांकि यूकियो इदानो ने कहा कि अब विकिरण का स्तर गिर रहा है और ये एक हज़ार मिलीसिएवर्ट्स से घटकर बुधवार की सुबह 600 से 800 के स्तर पर आ गया है.

उनका कहना था कि ये अब भी औसत से ज्यादा है और कर्मचारी विकिरण के ख़तरे के कारण वहाँ काम नहीं कर सकते.

इसके पहले अधिकारियों ने संयंत्र के 20 से 30 किलोमीटर की दूरी तक के लोगों को ये क्षेत्र छोड़कर चले जाने अथवा घरों में ही बने रहने को कहा था.

हालांकि उनका कहना है कि इस सीमा को बढ़ाने की उनकी कोई योजना नहीं है.

संयंत्र का संकट

इसके पहले रिएक्टर तीन से धुआं निकलता देखा गया और पिछले दो दिनों में रिएक्टर चार में दो बार आग लग चुकी है.

कुलमिलाकर इस संयंत्र में अब तक चार धमाके हुए हैं जिसके बाद विकिरण की ख़तरा उत्पन्न हो गया है.

परमाणु संयंत्र में धमाके के बाद विकिरण का स्तर ख़तरनाक स्तर तक बढ़ गया है
इमेज कैप्शन, परमाणु संयंत्र में धमाके के बाद विकिरण का स्तर ख़तरनाक स्तर तक बढ़ गया है

इस संयंत्र के एक रिएक्टर में बुधवार सुबह आग लग गई थी लेकिन उस पर क़ाबू कर लिया गया.

दरअसल भूकंप के कारण परमाणु संयंत्र की कूलिंग प्रणाली खराब हो गई है जिससे संयंत्र के रिएक्टरों में या तो आग लग जा रही है या विस्फोट हो रहा है.

जापान की समाचार एजेंसी क्योदो के अनुसार रिएक्टर 4 में जहां इन छड़ों को जहां रखा जाता है वहां का तापमान बढ़ गया है और विकिरणों का रिसाव होने का ख़तरा पैदा हो गया है.

ग़ौरतलब है कि शनिवार और सोमवार को रिएक्टर एक और तीन की इमारतों में धमाका हुआ था जबकि मंगलवार की सुबह रिएक्टर दो में धमाका हुआ.

चौथा धमाका रिएक्टर चार में हुआ है जहां इस्तेमाल की हुई छड़ें रखी जाती हैं और वहां आग लग गई थी.

भूकंप से पहले रिएक्टर 4 को बंद किया गया था लेकिन इस्तेमाल हो चुकी परमाणु ईंधन छड़ें वहीं रखी हुई थीं.

अधिकारियों का कहना है कि पहले तीनों रिएक्टरों और संभवत चौथे रिएक्टर में भी हाइड्रोजन की मात्रा अधिक होने के कारण धमाके हुए हैं.

इस परमाणु संयंत्र में कुल छह परमाणु रिएक्टर हैं जिनकी स्थिति शुक्रवार के भूकंप के बाद खतरनाक हो गई है.

जापान के उत्तर पूर्व में शुक्रवार को आए भीषण भूकंप और सूनामी के बाद अब तक 3000 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और हज़ारों लोग लापता हैं.